सुपौल जिले में कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गयी. उप विकास आयुक्त इन्द्रवीर कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में कृषि योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गयी. इस दौरान संबंधित अधिकारियों को योजनाओं में तेजी लाने और किसानों तक सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये.
फॉर्मर रजिस्ट्री और डिजिटल क्रॉप सर्वे पर जोर
बैठक में फॉर्मर रजिस्ट्री और डिजिटल क्रॉप सर्वे की प्रगति की विशेष रूप से समीक्षा की गयी. उप विकास आयुक्त ने दोनों कार्यों को कृषि क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य पूरा करने का निर्देश दिया. उन्होंने अधिकारियों से योजनाओं की नियमित निगरानी करने और कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने को कहा.
पीएम किसान योजना के लंबित मामलों के निष्पादन का निर्देश
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की भी समीक्षा की गयी. डीडीसी ने पात्र किसानों को योजना का लाभ समय पर उपलब्ध कराने और लंबित मामलों का नियमानुसार शीघ्र निष्पादन करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में पारदर्शिता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए.
गुणवत्तापूर्ण बीज और कृषि उपादान का हो पारदर्शी वितरण
बैठक में बीज एवं कृषि उपादान वितरण की स्थिति पर भी चर्चा हुई. किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज और आवश्यक कृषि सामग्री उपलब्ध कराने के साथ वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया गया. अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि कृषि योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंद किसानों तक पहुंचे.
मिट्टी जांच से किसानों को मिलेगा बेहतर फसल उत्पादन का लाभ
मिट्टी जांच प्रयोगशाला से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा की गयी. किसानों को खेत की मिट्टी की गुणवत्ता की जांच कराने और उसके अनुरूप फसल उत्पादन के लिए आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने पर चर्चा हुई. अधिकारियों ने बताया कि मिट्टी की स्थिति के अनुसार फसल और कृषि सामग्री का चयन करने से किसानों को बेहतर उत्पादन में मदद मिल सकती है.
किसानों की आय बढ़ाना योजनाओं का मुख्य उद्देश्य
उप विकास आयुक्त इन्द्रवीर कुमार ने कहा कि कृषि विभाग की योजनाओं का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और उन्हें आधुनिक कृषि तकनीक से जोड़ना है. इसलिए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है. उन्होंने संबंधित अधिकारियों से सभी योजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा और निगरानी करने को कहा.
बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, सहायक निदेशक शस्य, बीज विश्लेषण, सुपौल, प्रखंड कृषि पदाधिकारी, मिट्टी जांच प्रयोगशाला के अधिकारी सहित कृषि विभाग के अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे.
