मस्जिदों में उमड़ी अकीदतमंदों की भीड़, इबादत व दुआओं से गूंजा शहर

रमजान का महीना इस्लाम धर्म में बेहद पवित्र माना जाता है.

– तीसरे जुमे को विभिन्न मस्जिदों में उमड़ी रोजेदारों की भीड़ सुपौल पवित्र रमजान महीने के 16 वें दिन शुक्रवार को तीसरे जुमे के अवसर पर मुख्यालय की विभिन्न मस्जिदों में रोजेदारों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. सुबह से ही शहर का माहौल पूरी तरह धार्मिक आस्था और इबादत के रंग में रंगा नजर आया. जुमे की नमाज अदा करने के लिए बड़ी संख्या में रोजेदार मस्जिदों की ओर रुख करते दिखे. नमाज के दौरान मस्जिदों और उनके आसपास का इलाका अकीदतमंदों से भरा रहा. जुमे की नमाज के लिए शहर की प्रमुख मस्जिदों में विशेष तैयारियां की गई थी. नमाज के निर्धारित समय से पहले ही रोजेदार मस्जिदों में पहुंचने लगे थे, जिससे कई मस्जिदों के अंदर जगह कम पड़ने लगी. इसके बाद कई लोगों ने मस्जिद के आंगन और बाहर की जगहों पर सफ (लाईन) बनाकर नमाज अदा की. नमाज के बाद रोजेदारों ने देश, राज्य और समाज में अमन-चैन, खुशहाली और भाईचारे की दुआ मांगी. रमजान का महीना इस्लाम धर्म में बेहद पवित्र माना जाता है. इस पूरे महीने में मुस्लिम समुदाय के लोग रोजा रखकर इबादत करते हैं, कुरान शरीफ की तिलावत करते हैं और जरूरतमंदों की मदद करते हैं. खासकर जुमे की नमाज का इस महीने में विशेष महत्व होता है. रमजान के पहले, दूसरे और तीसरे जुमे पर मस्जिदों में सामान्य दिनों की तुलना में अधिक भीड़ देखने को मिलती है. तीसरे जुमे को लेकर भी सुपौल में काफी उत्साह और आस्था का माहौल देखा गया. आत्मशुद्धि, नेक कामों व जरूरतमंदों की सहायता का महीना है रमजान : मुस्लिम आलम नमाज से पहले मस्जिदों के इमामों और मौलानाओं ने तकरीर करते हुए रोजे की अहमियत, सब्र, संयम और इंसानियत का संदेश दिया. इस्लामिक जानकार मो मस्लिम आलम ने कहा कि रमजान का महीना आत्मशुद्धि, नेक कामों और जरूरतमंदों की सहायता का महीना है. इस दौरान लोगों को आपसी भाईचारा बनाए रखने और समाज में शांति व सद्भाव को मजबूत करने का प्रयास करना चाहिए. सुरक्षा के किये गये थे पुख्ता इंतजाम शहर के कई इलाकों में जुमे की नमाज को लेकर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था भी दुरुस्त रखी गई थी. मस्जिदों के आसपास पुलिस और प्रशासन की टीम तैनात रही, ताकि नमाजियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे. नमाज शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई और नमाजियों ने प्रशासन की व्यवस्था की सराहना भी की. रमजान को लेकर बाजारों की बढ़ी रौनक रमजान के दौरान बाजारों में भी रौनक बढ़ गई है. शाम के समय इफ्तार को लेकर शहर के विभिन्न बाजारों में लोगों की भीड़ देखने को मिल रही है. खजूर, फल, पकौड़े, सेवइयां और अन्य इफ्तार से जुड़ी चीजों की दुकानों पर खरीदारी तेज हो गई है. रोजेदार दिनभर रोजा रखने के बाद शाम को इफ्तार के समय परिवार और दोस्तों के साथ रोजा खोलते हैं, जिससे पूरे माहौल में उत्साह और भाईचारे की भावना देखने को मिलती है. तीसरे जुमे के मौके पर सुपौल की मस्जिदों में उमड़ी भीड़ ने यह साफ कर दिया कि रमजान का महीना लोगों के दिलों में गहरी आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा लेकर आता है. नमाज और दुआओं के बीच लोगों ने एक-दूसरे के लिए भलाई और शांति की कामना की. रमजान का महीना अभी जारी है और आने वाले दिनों में शब-ए-कद्र तथा ईद-उल-फितर को लेकर भी लोगों में उत्साह बढ़ता जाएगा. फिलहाल तीसरे जुमे पर सुपौल शहर पूरी तरह इबादत, आस्था और भाईचारे के रंग में डूबा नजर आया.

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By RAJEEV KUMAR JHA

RAJEEV KUMAR JHA is a contributor at Prabhat Khabar.

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