आपसी सहयोग मजबूत करने पर जोर वीरपुर. भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा और समन्वय को लेकर आज कौशीकी भवन, विरपुर (सुपौल) में डीआईजी स्तर की द्विपक्षीय समन्वय बैठक का आयोजन किया गया. यह बैठक 45वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) द्वारा आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य सीमा पर व्याप्त समस्याओं पर चर्चा कर आपसी सहयोग को सुदृढ़ बनाना था. बैठक में भारतीय पक्ष का नेतृत्व डीआईजी राजेश टिक्कू, क्षेत्रीय मुख्यालय पूर्णिया, एसएसबी ने किया, जबकि नेपाली सशस्त्र प्रहरी बल (एपीएफ) की ओर से डीआईजी कृष्णा ढाकल, ब्रिगेड-02, नेपाल ने प्रतिनिधित्व किया. बैठक में दोनों देशों के सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे. 45वीं वाहिनी एसएसबी के कमांडेंट गौरव सिंह ने बताया कि यह समन्वय बैठक सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक वातावरण में संपन्न हुई. जिसमें सीमा पार आपराधिक गतिविधियों एवं अवैध आवागमन की रोकथाम के लिए समन्वित कार्रवाई करने, खुफिया सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान की व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने, सीमा प्रबंधन, स्थानीय विवाद, एवं अतिक्रमण जैसे मुद्दों का समाधान खोजने पर जोर दिया. इसके अलावे भारत-नेपाल के पारंपरिक संबंधों को ध्यान में रखते हुए वैध रूप से लोगों और वस्तुओं की आवाजाही को सुगम बनाने, संयुक्त गश्त एवं फ्लैग मीटिंग्स के माध्यम से सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और सौहार्द बनाए रखने, नियमित द्विपक्षीय बैठकों के माध्यम से दोनों पक्षों के बीच संवाद को और अधिक प्रभावी बनाने पर विस्तार से चर्चा की गयी. बैठक के अंत में दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने यह साझा संकल्प लिया कि वे आपसी विश्वास और सहयोग की भावना को और सशक्त बनाते हुए भारत-नेपाल सीमा की शांतिपूर्ण एवं प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करेंगे.
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