बच्चों को बचपन से ही ज्ञान व आध्यात्म की दिखानी चाहिए राह : साध्वी बिन्दु शास्त्री

सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन आगाज गुरु वंदना के साथ किया गया

कटैया-निर्मली. पिपरा प्रखंड क्षेत्र के निर्मली पंचायत स्थित बेला नगर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन आगाज गुरु वंदना के साथ किया गया. अयोध्या धाम से पधारी साध्वी बिन्दु शास्त्री ने भगवान श्री कृष्ण की बाल लीलाओं, भक्त प्रह्लाद के चरित्र और गोपी गीत के माध्यम से दिव्य ज्ञान का प्रसार किया. उन्होंने कथा में बताया कि बच्चों में बचपन से ही धर्म व आध्यात्म का संस्कार डाला जाना चाहिए. क्योंकि बाल मन को जो शिक्षा दी जाती है, वह जीवन भर याद रहती है. साध्वी ने बताया कि भगवान हमेशा अपने भक्तों की रक्षा करते हैं. प्रह्लाद की अटूट आस्था के कारण ही भगवान नरसिंह रूप में प्रकट हुए. उन्होंने जोर देकर कहा कि बच्चों को बचपन से ही ज्ञान और आध्यात्म की राह दिखानी चाहिए. बचपन कच्ची मिट्टी जैसा होता है, जिसे जैसा आकार दें, वह वैसा ही बन जाता है. कथावाचिका ने कहा कि ईश्वर के प्रति अटूट आस्था रखें. कृष्ण जो करते हैं वह हमेशा व्यक्ति के परम कल्याण के लिए होता है. उन्होंने कहा कि श्रीमद् भागवत में पापों के बाद नरकगामी होने से बचने के लिए प्रायश्चित का उपाय बताया गया है. साध्वी के भजनों और कीर्तन ने पूरे माहौल को भक्तिमय कर दिया. इन प्रवचनों के माध्यम से साध्वी ने श्रद्धालुओं को जीवन के सच्चे अर्थ, नैतिकता और ईश्वर के प्रति समर्पण का संदेश दिया.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By RAJEEV KUMAR JHA

RAJEEV KUMAR JHA is a contributor at Prabhat Khabar.

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >