प्रसव के 10 मिनट बाद बच्चे की मौत

प्रसव के 10 मिनट बाद बच्चे की मौत

प्रसव पीड़िता को सीएचसी में कराया गया भर्ती, प्रसव के 10 मिनट बाद बच्चे की मौत, परिजनों ने लापरवाही का लगाया आरोप

छातापुर

सीएचसी छातापुर में सोमवार की सुबह जन्म लेने के 10 मिनट बाद बच्चे ने दम तोड़ दिया. वहीं डिलीवरी के बाद अत्यधिक रक्तस्राव के कारण प्रसूता की नाजुक स्थिति बन गयी. बच्चे की मौत और प्रसूता की हालत देखकर परिजनों ने हो हंगामा शुरू कर दिया. परिजन प्रसव कक्ष में ड्यूटी पर रही एएनएम पर चिकित्सीय लापरवाही का आरोप लगा रहे थे. हंगामे की सूचना पर सोमवार अहले सुबह सीएचसी प्रभारी डॉ नवीन कुमार, थानाध्यक्ष शिवशंकर कुमार सीएचसी पहुंचे और परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया. जिसके बाद सीएचसी प्रभारी ने रक्तस्राव के चलते प्रसूता में हीमोग्लोबिन की भारी कमी बताया और उसे एंबुलेंस से सदर अस्पताल सुपौल भेज दिया. प्रसूता के परिजनों ने बताया कि प्रसव पीड़ा के कारण मध्य रात्रि साढे 12 बजे सीएचसी पहुंचे थे. जहां पर्ची बनवाकर प्रसव कक्ष गये. जहां प्रसूता एक घंटे तक दर्द से कराहती रही, लेकिन किसी ने सुधि नहीं ली. ड्यूटी पर रही दो एएनएम ने एक घंटे बाद प्रसूता की जांच की और बताया कि चार से पांच बजे डिलीवरी हो जायेगा. इस दौरान कोई भी डॉक्टर प्रसूता की स्वास्थ्य जांच करने नहीं आये. दर्द का दवा देने के लिए जब एएनएम को कहा तो वहां मौजूद गार्ड उनलोगों से उलझ गये. थोडी देर बाद एएनएम ने हीमोग्लोबिन की कमी बताकर रेफर पर्ची थमा दिया. काफी मान मनौव्वल के बाद सीएचसी में ही नार्मल डिलेवरी के लिए एएनएम तैयार हो गयी. नतीजा हुआ कि सुबह पांच बजे बच्चे का जन्म तो हुआ लेकिन करीब 10 मिनट बाद उसकी मौत हो गयी. वहीं प्रसूता का लगातार रक्तस्राव होना शुरू हो गया.

कहते हैं सीएचसी प्रभारी

सीएचसी प्रभारी डॉ नवीन कुमार ने पूछने पर बताया कि परिजनों के चिकित्सीय लापरवाही का आरोप मनगढ़ंत है. परिजनों के हंगामा के कारण 112 की पुलिस को सीएचसी बुलाया गया था. बताया कि देर रात एक बजे 33 वर्षीय प्रसूता गुंजन देवी पति मनोज पासवान साकिन खूंटी भर्ती हुई. डॉ शशि एवं एएनएम सरीता सिन्हा एवं सुमित्रा कुमारी द्वारा स्वास्थ्य जांच के बाद प्रसूता में पांच ग्राम हीमोग्लोबिन पाया गया और सिवियर एनीमिया भी था. नाजुक स्थिति को देखकर उसे करीब ढाई बजे रेफर कर बाहर ले जाने को कहा गया. लेकिन परिजन सीएचसी में ही डिलेवरी कराने की जिद पर अड़ गये. आखिरकार सुबह करीब पांच बजे बच्चे ने जन्म लिया जो मृत अवस्था में था. वहीं रक्तस्राव के कारण प्रसूता की नाजुक रहने पर उसे एंबुलेंस से सदर अस्पताल भेजा गया. फिलहाल वह सदर अस्पताल में भर्ती है. जहां ब्लड भी चढाया जा रहा है.

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