स्कूल में ऑनलाइन हाजिरी, लेकिन शिक्षक गायब! बीडीओ के औचक निरीक्षण में खुली पोल, बच्चों की उपस्थिति भी मिली बेहद कम

छातापुर के सरकारी स्कूल में ऑनलाइन हाजिरी बनाने के बाद भी शिक्षक गायब मिले. बीडीओ के औचक निरीक्षण में यह पोल खुली, जिससे व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं. बच्चों की कम उपस्थिति पर भी प्रधानाध्यापक को फटकार लगाई गई.

Chhatapur Government School Teacher Absent: में छातापुर. सरकारी स्कूल में शिक्षक ऑनलाइन हाजिरी तो बना रहे थे, लेकिन निरीक्षण के समय विद्यालय में मौजूद नहीं मिले. बुधवार को छातापुर प्रखंड के रामपुर पंचायत स्थित प्राथमिक विद्यालय सिद्दिकी चौक में बीडीओ डॉ राकेश गुप्ता के औचक निरीक्षण में ऐसी ही स्थिति सामने आयी. स्कूल में पदस्थापित 10 शिक्षकों में दो शिक्षक गायब मिले. इनमें एक शिक्षक ऑनलाइन हाजिरी बनाने के बाद बिना सूचना के अनुपस्थित थे, जबकि दूसरे शिक्षक ऑनलाइन हाजिरी के साथ उपस्थिति पंजी में भी अनुपस्थित पाये गये.

निरीक्षण के दौरान सिर्फ शिक्षकों की गैरहाजिरी ही चिंता का कारण नहीं रही. विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति भी बेहद कम मिली. इस पर बीडीओ ने नाराजगी जतायी और प्रधानाध्यापक को फटकार लगाते हुए छात्रों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए अभिभावकों के साथ बैठक करने का निर्देश दिया.

ऑनलाइन हाजिरी बनी, लेकिन स्कूल में नहीं थे शिक्षक

बीडीओ डॉ राकेश गुप्ता बुधवार को प्राथमिक विद्यालय सिद्दिकी चौक का औचक निरीक्षण करने पहुंचे थे. निरीक्षण के दौरान विद्यालय में पदस्थापित 10 शिक्षकों में दो शिक्षक अनुपस्थित मिले.

शिक्षक रामकुमार रमण ऑनलाइन हाजिरी बनाकर बिना सूचना के विद्यालय से अनुपस्थित थे. वहीं शिक्षक उदयचंद सहनी भी ऑनलाइन हाजिरी बनाने के बावजूद स्कूल में मौजूद नहीं मिले. खास बात यह रही कि उदयचंद सहनी शिक्षक उपस्थिति पंजी में भी अनुपस्थित पाये गये.

इस स्थिति ने विद्यालय में शिक्षकों की वास्तविक उपस्थिति और ऑनलाइन हाजिरी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिये हैं. औचक निरीक्षण के दौरान मामला सामने आने के बाद बीडीओ ने दोनों शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी.

बच्चों की कम उपस्थिति पर भी बीडीओ ने जतायी नाराजगी

विद्यालय में निरीक्षण के दौरान बच्चों की उपस्थिति भी नगण्य मिली. स्कूल में शिक्षक कम और बच्चे भी कम मिलने की स्थिति पर बीडीओ ने नाराजगी जतायी.

बच्चों की कम उपस्थिति के संबंध में प्रधानाध्यापक भी कोई ठोस जवाब नहीं दे सके. इसके बाद बीडीओ ने प्रधानाध्यापक को फटकार लगायी और छात्रों की संख्या बढ़ाने के लिए अभिभावकों के साथ बैठक करने का निर्देश दिया.

सरकारी स्कूल में बच्चों की नियमित उपस्थिति शिक्षा व्यवस्था की सबसे अहम कड़ी है. बच्चे स्कूल नहीं पहुंचेंगे तो शिक्षकों की मौजूदगी के बावजूद पढ़ाई का उद्देश्य पूरा करना मुश्किल होगा. ऐसे में प्रशासन ने अब विद्यालय प्रबंधन को छात्रों की उपस्थिति सुधारने की जिम्मेदारी दी है.

दो शिक्षकों का वेतन रुका, मांगा गया स्पष्टीकरण

बीडीओ डॉ राकेश गुप्ता ने बताया कि निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित मिले दोनों शिक्षकों का वेतन स्थगित कर दिया गया है. साथ ही उनसे स्पष्टीकरण पूछा जा रहा है.

दोनों शिक्षकों को अपनी अनुपस्थिति के संबंध में जवाब देना होगा. बीडीओ ने स्पष्ट किया है कि यदि उनका जवाब संतोषप्रद नहीं मिला, तो दोनों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जायेगी.

इस कार्रवाई से यह संकेत भी मिला है कि विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर प्रशासन अब औचक निरीक्षण के जरिये स्थिति की जांच कर रहा है. हालांकि इस निरीक्षण के बाद आगे क्या कार्रवाई होती है, यह शिक्षकों के स्पष्टीकरण पर निर्भर करेगा.

बीइओ का पद प्रभार में, शिक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल

स्थानीय स्तर पर सरकारी विद्यालयों की व्यवस्था को लेकर पहले से सवाल उठते रहे हैं. खबर के अनुसार छातापुर में बीइओ का पद प्रभार में रहने के कारण विद्यालय संचालन की स्थिति दिन-ब-दिन खराब होने की बात सामने आ रही है.

ऐसे में बीडीओ का औचक निरीक्षण शिक्षकों की उपस्थिति और विद्यालय में बच्चों की भागीदारी दोनों की वास्तविक स्थिति सामने लाने वाला रहा. एक तरफ शिक्षक के ऑनलाइन हाजिरी बनाकर गायब मिलने का मामला है, तो दूसरी तरफ बच्चों की नगण्य उपस्थिति ने स्कूल प्रबंधन की भूमिका पर भी सवाल खड़े किये हैं.

Chhatapur Government School Teacher Absent: अब अभिभावकों के साथ बैठक पर नजर

बीडीओ ने प्रधानाध्यापक को अभिभावकों के साथ बैठक कर बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने का निर्देश दिया है. इससे अब स्कूल प्रबंधन के सामने दोहरी चुनौती है. एक ओर शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करनी होगी, वहीं दूसरी ओर बच्चों को नियमित रूप से स्कूल लाने के लिए अभिभावकों के साथ संवाद करना होगा.

फिलहाल दो शिक्षकों के वेतन स्थगन और स्पष्टीकरण की कार्रवाई शुरू हो चुकी है. यदि जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो आगे कार्रवाई की बात बीडीओ ने कही है. वहीं छात्रों की कम उपस्थिति को भी गंभीरता से लेते हुए स्कूल प्रबंधन को चेतावनी दी गयी है.

अब सवाल यही है कि इस औचक निरीक्षण के बाद स्कूल की व्यवस्था में कितना सुधार आता है और क्या बच्चों की उपस्थिति बढ़ती है. आने वाले दिनों में विद्यालय की वास्तविक स्थिति पर नजर रखना इसलिए महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की शिक्षा सीधे तौर पर स्कूल की नियमित व्यवस्था और शिक्षकों की मौजूदगी से जुड़ी है.

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लेखक के बारे में

By संजय कुमार पप्पू

संजय कुमार पप्पू प्रिंट माध्यम में 16 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सामाजिक सरोकार, शिक्षा, अपराध, राजनीति, कला-संस्कृति की खबरों में रुचि रखते हैं. छातापुर (सुपौल) क्षेत्र में काम कर रहे हैं.

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