Chhatapur Fertilizer News: छातापुर. खरीफ सीजन में किसानों को खाद आसानी से और उचित कीमत पर मिले, इसके लिए मंगलवार को छातापुर में उर्वरक निगरानी समिति की बैठक हुई. लेकिन जिस बैठक में किसानों से जुड़े अहम मुद्दों पर प्रशासनिक स्तर पर चर्चा होनी थी, उसमें कई पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की अनुपस्थिति को लेकर नाराजगी जतायी गयी.
मुख्यालय स्थित ई-किसान भवन सभागार में आयोजित बैठक में खाद की उपलब्धता और उसकी कीमत से लेकर किसानों के फार्मर रजिस्ट्रेशन, जमाबंदी में त्रुटि, परिमार्जन की धीमी रफ्तार और खाद के लिए ऑनलाइन बुकिंग जैसे मुद्दे छाये रहे. बैठक में मौजूद लोगों ने साफ कहा कि जमीन के रिकॉर्ड में छोटी सी गलती किसानों के लिए बड़ी परेशानी बन रही है और इसका असर सरकारी योजनाओं तथा खाद मिलने की प्रक्रिया पर पड़ रहा है.
एक सितंबर से खाद के लिए ऑनलाइन बुकिंग जरूरी
बैठक में प्रखंड कृषि पदाधिकारी कुंदन कुमार ने किसानों को खाद प्राप्त करने की नयी व्यवस्था के बारे में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने बताया कि एक सितंबर से उर्वरक प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर बुकिंग की व्यवस्था लागू है.
फिलहाल किसान आधार संख्या के माध्यम से अपना सत्यापन कर सकते हैं. इसके बाद अपने या अपने पूर्वजों के नाम दर्ज जमीन का खेसरा नंबर डालकर खाद की बुकिंग की जा सकती है.
कृषि विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में एफआर यानी फार्मर रजिस्ट्रेशन खाद प्राप्त करने का एकमात्र उपाय होगा. ऐसे में किसानों के लिए समय रहते अपना फार्मर रजिस्ट्रेशन पूरा कराना बेहद जरूरी हो गया है.
यहीं से किसानों की दूसरी बड़ी परेशानी सामने आती है.
जमाबंदी में गलती, परिमार्जन की धीमी रफ्तार बनी बाधा
बैठक में अंचल कार्यालय में परिमार्जन की सुस्त रफ्तार और जमाबंदी की त्रुटियों को दूर करने में हो रही देरी पर चिंता जतायी गयी.
बैठक में कहा गया कि बड़ी संख्या में किसान अपनी जमीन से जुड़े रिकॉर्ड में त्रुटि के कारण फार्मर रजिस्ट्रेशन पूरा नहीं करा पा रहे हैं. इससे भविष्य में उन्हें खाद सहित दूसरी कृषि योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी हो सकती है.
जदयू प्रखंड अध्यक्ष अजय कुमार आनंद ने भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया. उन्होंने आरोप लगाया कि अंचल कार्यालय की बेपरवाही के कारण परिमार्जन और जमाबंदी में सुधार के मामले महीनों तक लंबित रहते हैं.
उन्होंने कहा कि शत-प्रतिशत किसानों का फार्मर रजिस्ट्रेशन पूरा कराने के लक्ष्य में अंचल कार्यालय की धीमी प्रक्रिया बड़ी बाधा बन रही है.
खाद अधिक कीमत पर मिले तो तुरंत दें सूचना
किसानों को खाद निर्धारित कीमत पर मिले, इसे लेकर भी बैठक में जोर दिया गया. बीएओ कुंदन कुमार ने कहा कि यदि किसी किसान को अधिक कीमत पर खाद मिलने की शिकायत है, तो वह इसकी सूचना उन्हें लिखित या मौखिक रूप से दे सकता है.
उन्होंने बताया कि पहले भी किसानों से मिली शिकायतों की जांच की गयी है और कई उर्वरक विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है.
इसका सीधा असर किसानों की जेब पर पड़ता है. खेती की लागत पहले ही लगातार बढ़ रही है. ऐसे में खाद के लिए निर्धारित कीमत से अधिक राशि देना किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल सकता है. इसलिए निगरानी समिति की भूमिका सिर्फ बैठक तक सीमित न रहकर बाजार में खाद की वास्तविक उपलब्धता और बिक्री दर पर नजर रखने में भी महत्वपूर्ण होगी.
पीएम सूर्यघर योजना पर भी हुई चर्चा
बैठक में किसानों और ग्रामीण परिवारों से जुड़ी पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना पर भी चर्चा हुई. शालिग्राम पांडेय ने योजना के फायदे बताते हुए लोगों से इसका लाभ लेने का आग्रह किया.
प्रमुख प्रतिनिधि अजय कुमार सरदार ने भी पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को आम परिवारों के लिए फायदेमंद बताया.
बैठक में मौजूद लोगों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसी योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक परिवारों तक पहुंचाना जरूरी है, ताकि पात्र लोग इसका लाभ उठा सकें.
अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की गैरमौजूदगी पर सवाल
उर्वरक निगरानी समिति की बैठक में कई पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के अनुपस्थित रहने पर भी नाराजगी जतायी गयी. बैठक में इन लोगों की अनुपस्थिति को लेकर चर्चा हुई.
किसानों से जुड़े खाद, जमीन के रिकॉर्ड और सरकारी योजनाओं जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर होने वाली बैठक में संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी को अहम माना जाता है. ऐसे में उनकी अनुपस्थिति को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है.
बैठक में मौजूद सदस्यों ने किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत पर जोर दिया.
किसानों के लिए अब फार्मर रजिस्ट्रेशन सबसे अहम
बैठक से निकलने वाला सबसे महत्वपूर्ण संदेश किसानों के लिए फार्मर रजिस्ट्रेशन को लेकर है. बीएओ कुंदन कुमार के अनुसार आने वाले समय में एफआर खाद प्राप्त करने का एकमात्र उपाय होगा.
इसलिए जिन किसानों के जमीन के रिकॉर्ड में नाम, खेसरा या जमाबंदी से जुड़ी कोई समस्या है, उनके लिए उसे समय रहते ठीक कराना जरूरी होगा. अगर परिमार्जन और जमाबंदी सुधार की प्रक्रिया में देरी जारी रहती है, तो इसका सीधा असर किसानों की खाद और दूसरी कृषि सुविधाओं तक पहुंच पर पड़ सकता है.
बैठक में मौजूद प्रतिनिधियों ने भी इस समस्या के समाधान के लिए अंचल स्तर पर लंबित मामलों को तेजी से निबटाने की जरूरत बतायी.
Chhatapur Fertilizer News: बैठक में कौन-कौन रहे मौजूद
प्रखंड प्रमुख आशिया देवी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक की शुरुआत अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर की गयी. बैठक में बीएओ कुंदन कुमार के अलावा जनप्रतिनिधि, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि और उर्वरक विक्रेता शामिल हुए.
इस दौरान मुखिया प्रतिनिधि मोती अहमद, पंकज कुमार भगत, ज्ञानशंकर सिंह, रहमत अली, सरोज सिंह, नरेंद्र पोद्दार, प्रदीप सिंह, मो. समशेर, गजेंद्र सिंह, मनोज कुमार और राघव कुमार सहित अन्य लोग मौजूद थे.
अब किसानों की नजर इस बात पर रहेगी कि बैठक में उठाये गये खाद की कीमत, उपलब्धता, फार्मर रजिस्ट्रेशन और जमीन के रिकॉर्ड से जुड़े मुद्दों पर प्रशासनिक स्तर पर कितनी तेजी से कार्रवाई होती है.
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