हालत बिगड़ी, प्रशासन बेखबर

भूख हड़ताल में शामिल अभ्यर्थी संतोष कुमार जायसवाल की स्थिति गुरुवार को बिगड़ गयी. हालांकि संघ के सदस्यों ने इसकी सूचना जिला प्रशासन को दी, लेकिन प्रशासन ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया. सुपौल : होमगार्ड अभ्यर्थी संघ के तत्वावधान में आयोजित अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल व धरना-प्रदर्शन के दूसरा दिन भी जारी रहा. वहीं […]

भूख हड़ताल में शामिल अभ्यर्थी संतोष कुमार जायसवाल की स्थिति गुरुवार को बिगड़ गयी. हालांकि संघ के सदस्यों ने इसकी सूचना जिला प्रशासन को दी, लेकिन प्रशासन ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया.
सुपौल : होमगार्ड अभ्यर्थी संघ के तत्वावधान में आयोजित अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल व धरना-प्रदर्शन के दूसरा दिन भी जारी रहा. वहीं भूख हड़ताल में शामिल एक अभ्यर्थी संतोष कुमार जायसवाल की स्थिति गुरुवार को बिगड़ गई. हालांकि संघ के सदस्यों द्वारा इसकी सूचना जिला प्रशासन को दी गयी. लेकिन जिला प्रशासन द्वारा इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया. भूख हड़ताल की अध्यक्षता कर रहे संघ के अध्यक्ष संतोष कुमार भारती ने बताया कि अभ्यर्थियों का हालत बिगड़ने लगी है. लेकिन जिला प्रशासन द्वारा अनदेखी की जा रही है.
कहा कि अगर किसी अभ्यर्थी को कुछ होता है तो इसकी जिम्मेवारी जिला प्रशासन की होगी. गौरतलब हो कि राज्य सरकार के गृह विभाग के ज्ञापांक 254 के माध्यम से निर्गत पत्र में जिला पदाधिकारी को सूचना दी गयी थी कि 218 नये गृहरक्षकों की नियुक्ति की जायेगी. इसके बाद सभी अभ्यर्थियों से आवेदन प्राप्त किया गया. इसके उपरांत 24 जुलाई 2010 को मुख्यालय स्थित स्टेडियम में सभी अभ्यर्थियों की शारीरिक दक्षता जांच परीक्षा निर्धारित थी. लेकिन उक्त तिथि को स्टेडियम में जल-जमाव रहने के कारण जिला प्रशासन द्वारा दक्षता परीक्षा स्थगित कर दिया गया, जो आज तक स्थगित है. पुन: 2011 में विज्ञापन संख्या 2/11 के माध्यम से निकाला गया था कि जिले में 170 नये होमगार्ड का चयन किया जायेगा और इसके तहत अभ्यर्थियों से पुन: आवेदन प्राप्त किया गया.
लेकिन जिला प्रशासन के उदासीन रवैये के कारण विगत ग्यारह वर्षों से होमगार्ड अभ्यर्थियों की बहाली नहीं की गयी. अभ्यर्थियों ने कहा कि नियुक्ति को लेकर कई बार जिला प्रशासन से गुहार भी लगायी. लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला है. जबकि सूबे के अन्य जिलों में होमगार्ड की नियुक्ति जिला प्रशासन द्वारा कर दी गयी है. लेकिन सुपौल जिला के जिला प्रशासन की उदासीनता के कारण अब तक होमगार्ड अभ्यर्थियों की बहाली नहीं की गयी है. इस मौके पर अशोक कुमार, बमबम मंडल, आशीष मंडल, वीरेंद्र कुमार, सुरेंद्र कुमार शर्मा, कृष्णकांत कुमार, रमेश भगत, अशोक कुमार मंडल, बैद्यनाथ कुमार, रंजीत भारती, प्रमोद यादव, खुशबू मिस्त्री, नंदकिशोर राम, गणेश राम मौजूद थे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >