आबादी के अनुरूप मिलेगी राशि

बदलाव. चौदहवें वित्त का आवंटन जारी, पंचम निर्गत करने की है तैयारी मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना लागू होने के बाद से सरकार ने आवंटन के प्रारूप को भी बदल दिया है. अब राशि का आवंटन समानता की नयी परिभाषा के साथ किया जा रहा है. इसके तहत वर्ष 2011 की जनसंख्या के आधार पर आबादी […]

बदलाव. चौदहवें वित्त का आवंटन जारी, पंचम निर्गत करने की है तैयारी

मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना लागू होने के बाद से सरकार ने आवंटन के प्रारूप को भी बदल दिया है. अब राशि का आवंटन समानता की नयी परिभाषा के साथ किया जा रहा है. इसके तहत वर्ष 2011 की जनसंख्या के आधार पर आबादी के अनुरूप योजना राशि का आवंटन पंचायतों में किया जा रहा है.
सुपौल : भारत को गांव और किसानों का देश कहा जाता है. कहते हैं कि गांव में ही भारत की आत्मा बसती है. लेकिन इसे दुर्भाग्य ही कहा जा सकता है कि विकास कार्यों की शुरुआत शहर से गांव का सफर तय करती है. यही कारण है कि आधुनिकता के इस दौर में भी ग्रामीण इलाके पिछड़े हुए हैं. हालांकि सरकार की भी सोच बदली है और पंचायत के विकास पर भी जोर दिया जाने लगा है. इसमें भी खास यह है कि मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना लागू होने के बाद से सरकार ने आवंटन के प्रारूप को भी बदल दिया है.
अब राशि का आवंटन समानता की नयी परिभाषा के साथ किया जा रहा है. जिसके तहत वर्ष 2011 की जनसंख्या के आधार पर आबादी के अनुरूप योजना राशि का आवंटन पंचायतों में किया जा रहा है. जबकि नये प्रावधानों के तहत अप्रत्यक्ष रूप से आवंटित राशि से मुखिया के एकाधिकार को भी समाप्त करने की तैयारी चल रही है और यह बागडोर वार्ड सदस्य तथा स्थानीय ग्रामीणों को सौंपा जा रहा है. जाहिर है, जब विकास कार्यों में जनभागीदारी होगी, योजना क्रियान्वयन की गति में भी उछाल आयेगा.
पंचम वित्त में भी पंचायतों को मिलेगा आठ लाख रुपये : 14वीं वित्त की राशि आवंटन करने के उपरांत अब सरकार पंचम राज्य वित्त आयोग की अनुशंसा के अाधार पर भी राशि निर्गत कर चुकी है. जिला स्तर से अब इस राशि को संबंधित निकायों को उपलब्ध कराना शेष रह गया है. इसके तहत 70 फीसदी राशि के रूप में 80 लाख रुपये जिले के सभी 181 पंचायत को आवंटित किये जायेंगे. जबकि 10 फीसदी राशि पंचायत समिति व 20 फीसदी जिला परिषद को आवंटित की जायेगी. इसके अलावा 50 हजार रुपये सभी ग्राम कचहरी के उपष्कर खरीद के लिए भी आवंटित किया जाना है. जिला पंचायती राज कार्यालय में इसको लेकर भी तैयारी की जा रही है. शीघ्र ही यह आवंटन भी पंचायतों को निर्गत हो जायेगा.
वार्ड विकास समिति पर ही होगा कार्यों का दारोमदार : जिले में कुल 181 पंचायत हैं और यहां कुल 2529 वार्ड हैं. प्रत्येक पंचायत में मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के तहत 20 फीसदी वार्डों का चयन हुआ है. इस प्रकार कुल 515 वार्डों का चयन मुख्यमंत्री निश्चय योजना के तहत हुआ है. वार्डों के चयन में अनुसूचित जाति के लोगों की आबादी को आधार बनाया गया है. इन वार्डों में निश्चय योजना के तहत विकास कार्यों के संचालन के लिए वार्ड विकास समिति का गठन किया गया है. जिसमें संबंधित वार्ड के वार्ड सदस्य को समिति का अध्यक्ष बनाया गया है. जबकि वार्ड पंच को समिति का उपाध्यक्ष बनाया गया है. इसके अलावा वार्ड सभा के माध्यम से कुल पांच सदस्यों का चयन हुआ है. इन पांच सदस्यों में से ही समिति का सचिव चुना गया है. जिसके लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता मैट्रिक तथा संबंधित वार्ड का निवासी होना अनिवार्यता है. प्रावधानों के अनुसार वार्ड में विकास संबंधी कार्य इसी समिति के माध्यम से होना है. जबकि राशि की निकासी समिति के सचिव और अध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से होना है. पंचायत के सभी वार्डों में चल रहे विकास कार्यों की निगरानी का जिम्मा संबंधित मुखिया को सौंपा गया है.
पहली किस्त में 1571.04 करोड़ रुपये किया गया प्रदान
केंद्र सरकार की ओर से 14 वें वित्त आयोग की अनुशंसा पर राज्य सरकार को पहली किस्त के रूप में 1571.04 करोड़ रुपये प्रदान किया गया. जिसके आलोक में राज्य सरकार के आबादी के अनुरूप पंचायतों में राशि आवंटित कर दी गयी है. जिले में कुल 181 पंचायत हैं. पूर्व में 14वें वित्त के तहत लगभग 26-26 की राशि हर पंचायत को समान रूप से वितरित किया गया था. लेकिन सरकार ने तय किया कि इसके कारण अधिक आबादी वाले क्षेत्र का अपेक्षाकृत कम विकास होता है, जिसके कारण प्रारूप में परिवर्तन किया गया. फिलहाल पंचायतों को जो राशि आवंटित की गयी है, उसका 80 फीसदी हिस्सा मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के तहत उपयोग में लाया गया. इस राशि के उपयोग की जिम्मेवारी वार्ड विकास समिति की होगी. जबकि मुखिया केवल योजना के निगरानी कर्ता होंगे. शेष 20 फीसदी राशि का प्रयोग मुखिया द्वारा पंचायत में अपनी सहुलियत के अनुरूप किया जा सकेगा. फिलहाल सबसे कम 09 लाख 39 हजार 187 रुपये सदर प्रखंड के घूरन पंचायत को आवंटित की गयी है. यहां मुख्यमंत्री निश्चय योजना के लिए वार्ड विकास समिति द्वारा 07 लाख 51 हजार 350 रुपये का प्रयोग होगा. जबकि शेष राशि का प्रयोग अन्य योजना मद में किया जा सकेगा. पड़ोस के ही कर्णपुर पंचायत को 18 लाख 91 हजार 896 रुपये आवंटित किये गये हैं. वही सर्वाधिक 31 लाख 90 हजार 141 रुपये की राशि निर्मली प्रखंड के डगमारा पंचायत को आवंटित की गयी है. इसमें 25 लाख 52 हजार 113 रुपये की राशि मुख्यमंत्री निश्चय योजना के क्रियान्वयन पर खर्च होगी. जबकि शेष राशि का प्रयोग अन्य योजना मद में किया जा सकेगा.
14 वें वित्त और पंचम वित्त के तहत पंचायतों में विकास कार्य के लिए राशि का आवंटन हुआ है. 14 वीं वित्त की राशि पंचायतों को भेज दी गयी है. जबकि पंचम वित्त की राशि भी शीघ्र ही भेज दी जायेगी. योजनाओं का क्रियान्वयन शीघ्र ही आरंभ हो जायेगा.
विश्वजीत हेनरी, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, सुपौल

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