सीसीटीवी फुटेज पर है नजर

अपराध. गैंगवार या अपनों के षड‍्यंत्र के शिकार हुए सोनू व हिमांशु! चर्चा है कि सोनू सिंह और हिमाशु मिश्रा अपनों के ही षड‍्यंत्र का शिकार हुआ है. वहीं दूसरी ओर गैंगवार में मारे जाने की चर्चा भी है. लाश मिलने के 36 घंटे से अधिक समय बीत चुके हैं और पुलिस के हाथ बहरहाल […]

अपराध. गैंगवार या अपनों के षड‍्यंत्र के शिकार हुए सोनू व हिमांशु!

चर्चा है कि सोनू सिंह और हिमाशु मिश्रा अपनों के ही षड‍्यंत्र का शिकार हुआ है. वहीं दूसरी ओर गैंगवार में मारे जाने की चर्चा भी है. लाश मिलने के 36 घंटे से अधिक समय बीत चुके हैं और पुलिस के हाथ बहरहाल खाली है.
सुपौल : कल तक अपने असलहे से दूसरे की जिंदगी की पटकथा लिखने वाले सोनू सिंह की अब हत्या हो चुकी है, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि सोनू सिंह की जिंदगी की पटकथा किसने और क्यों लिख दी. सोनू सिंह को नजदीक से जाननेवाले और उनकी कार्यशैली से वाकिफ लोगों की माने तो सुपारी लेकर हत्या करना सोनू का धर्म था. इस वजह से आसानी से उसका शिकार नहीं किया जा सकता था. ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि क्या सोनू सिंह और हिमाशु मिश्रा अपनों के ही षड‍्यंत्र का शिकार हुआ है.
वहीं दूसरी ओर गैंगवार में मारे जाने की चर्चा भी जारी है. इसके अलावा कई सफेदपोशों के नाम भी हवा में तैर रहे हैं. लाश मिलने के 36 घंटे से अधिक समय बीत चुके हैं और पुलिस के हाथ बहरहाल खाली है. घटना के बाद पुलिस हर पहलू पर जांच कर रही है जिससे सफलता मिलने की उम्मीद है.
हालांकि पुलिसिया अनुसंधान जारी है और अब सारी निगाह वैज्ञानिक अनुसंधान पर टिकी हुई है. दूसरी ओर मामला हाईप्रोफाइल होने की वजह से वीरपुर के इलाके में आम लोग दहशतजदा हैं, पुलिस परेशान है, तो अपराधिक गलियारे में भी खलबली मची हुई है.
सोनू सिंह अक्सर घर वालों से दूर ही रहा करता था. लिहाजा उसके आने और जाने की कोई खास नोटिस परिजनों द्वारा नहीं ली जाती थी. लेकिन 16 दिसंबर को जब वह वीरपुर से बाहर निकला तो वह उसकी अंतिम यात्रा साबित हुई. कई दिन जब बीत गये तो परिजनों को चिंता सताने लगी. चिंता की बात यह थी कि सोनू के मोबाइल नंबर पर भी संपर्क स्थापित नहीं हो रहा था. सोनू सिंह को अंतिम बार 16 दिसंबर की शाम गोल चौक वीरपुर स्थित एक होटल में कुछ लोगों के साथ देखा गया था. उसके इर्द-गिर्द कुछ सीसीटीवी भी लगे हुए हैं. ऐसे में अब सीसीटीवी फुटेज के अलावा मोबाइल के सीडीआर पर पुलिस की नजर होगी, जो संभवत: सफेदपोश या सरगनाओं को बेनकाब कर
सकता है.
जारी चर्चाओं पर यकीन करें, तो सोनू सिंह सुपारी किलर के साथ-साथ हथियारों की तस्करी से भी जुड़ा हुआ था. इसका यह कारोबार मुंगेर, भाया कोसी होते हुए नेपाल तक फैला हुआ था. सोनू सिंह 13 मई को हथियारों के साथ ही करजाइन थाना क्षेत्र में गिरफ्तार हुआ था और 15 नवंबर 2016 को जमानत पर रिहा हुआ. ऐसी चर्चा है कि हाल ही में वीरपुर इलाके के एक चर्चित अपराधी गिरोह के साथ लाखों की हथियार की डील हुई थी. इसके एवज में बतौर एडवांस भी रुपये उपलब्ध कराया गया था. लेकिन हथियार की डेलिवरी नहीं हो पायी थी. ऐसे में कयास लगाये जा रहे हैं कि हत्या की एक बड़ी वजह हथियार के एवज में रुपये का यह लेनदेन भी हो सकता है.
सोनू सिंह व हिमाशु मिश्रा हत्याकांड मामले में पुलिस ने अनुसंधान प्रारंभ कर दिया है. इस प्रकरण में प्रथम दृष्टया कुछ सूचनाएं हासिल हुई है. हत्या के कारण या व्यक्ति विशेष की संलिप्ता के बारे में अभी कुछ कहना जल्दीबाजी होगी. पुलिस शीघ्र ही नतीजे पर पहुंच जायेगी.
डॉ कुमार एकले, एसपी, सुपौल

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