शव मिलने के काफी समय बाद भी नहीं हुई प्राथमिकी

वीरपुर : एक साथ मिली दो लाशों की बरामदगी के बाद वीरपुर क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार जहां गर्म है. वही रविवार की संध्या 5:00 बजे तक सोनू सिंह के परिजनों द्वारा वीरपुर पुलिस थाने में कोई मामला दर्ज नहीं करवाया गया था. लोगों के बीच आम चर्चा यह भी है कि आपराधिक पृष्ठभूमि वाले […]

वीरपुर : एक साथ मिली दो लाशों की बरामदगी के बाद वीरपुर क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार जहां गर्म है. वही रविवार की संध्या 5:00 बजे तक सोनू सिंह के परिजनों द्वारा वीरपुर पुलिस थाने में कोई मामला दर्ज नहीं करवाया गया था. लोगों के बीच आम चर्चा यह भी है कि आपराधिक पृष्ठभूमि वाले सोनू की हत्या में किसी दूसरे अपराधी गुटों का हाथ हो सकता है.

सोनू का बचपन वीरपुर कोशी कॉलोनी में ही गुजरा था. कोसी मध्य विद्यालय से सातवीं की परीक्षा पास करने के बाद सोनू ने राजकीय उच्च विद्यालय वीरपुर में पढ़ा करता था. कुसंगत वातावरण में ढल जाने के कारण वह अपने कोशी कालोनी के दोस्तों से अलग थलग हो गया और छुटभैये किस्म के अपराधियों से उसकी दोस्ती बढ़ती चली गई. कॉलोनी के लोगों को आज भी विश्वास नहीं हो पा रहा है कि सोनू उर्फ़ बाबूसाहब अपराध की दुनिया में इतना आगे निकल चुका था.

चर्चा में सफेदपोश और सरगनाओं के भी नाम
सोनू सिंह लगभग एक दशक से अपराध की दुनिया में सक्रिय था. लेकिन सहरसा में वर्ष 2010 में प्रोपर्टी डीलर की हत्या और एक स्कूल के प्राचार्य से रंगदारी मांगे जाने के बाद अचानक वह सुर्खियों में आ गया. जानकार बताते हैं कि हाल के दिनों में सोनू की बहन रंजू देवी जब जिला परिषद अध्यक्ष बनी तो राजनीतिक गलियारे में भी सोनू सिंह का परिवार सुर्खियों में आ गया. हालांकि जिप अध्यक्ष से भाई-बहन का रिश्ता होने के बावजूद सोनू सिंह राजनीति की दुनिया से दूर ही रह रहा था, बावजूद उसकी चर्चा होने लगी थी. ऐसे में दो तरह की बातें सामने आ रही है.
22 आरडी का इलाका है संवेदनशील
वीरपुर का इलाका नेपाल का सीमावर्ती क्षेत्र है. लिहाजा अपराधियों के लिये यह हमेशा सुरक्षित क्षेत्र रहा है. केवल यहां के अपराधियों के लिये नहीं बल्कि नेपाल के अपराधियों के लिये भी यह सुरक्षित माना जाता है. अक्सर अपराध को अंजाम देकर इस इलाके के अपराधी नेपाल में और नेपाल के अपराधी वीरपुर के इलाके में शरण लेते हैं. सोनू सिंह और हिमाशु मिश्रा की लाश 22 आरडी के पास जिस स्थान से बरामद हुई है, वह इलाका काफी सुरक्षित माना जाता है. 22 आरडी व 36 आरडी के बीच का इलाका काफी वीरान है. यही वजह है कि बीते पांच वर्षों में यहां भारत और नेपाल के आधे दर्जन से अधिक लोगों की लाश इस इलाके से बरामद हुई है. सुरक्षित क्षेत्र मानकर ही हत्यारों ने एक बार फिर यहां सोनू सिंह और हिमांशु मिश्रा को ठिकाने लगाया. जाहिर है कि अपराधी इस इलाके की भौगोलिक स्थिति से बखूबी वाकिफ था.
सोनू सिंह के विरुद्ध दर्ज आपराधिक मामले
सहरसा थाना कांड संख्या 283/09, धारा 302/34 भादवि एवं 27 आर्म्स एक्ट
सहरसा थाना कांड संख्या 195/10, धारा 302/307/324/120 बी भादवि एवं 27 आर्म्स एक्ट
सहरसा थाना कांड संख्या 504/10, धारा 386/387/37 भादवि
सहरसा थाना कांड संख्या 519/10, धारा 25(1 बीए)/26/35 आर्म्स एक्ट
सहरसा थाना कांड संख्या 69/11, धारा 363/365 भादवि
वीरपुर कांड संख्या 26/01, धारा 394 भादवि
वीरपुर कांड संख्या 95/01, धारा 392 भादवि
करजाइन कांड संख्या 42/16, धारा 25(1 बी)/26/35 आर्म्स एक्ट

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