अचानक खाते में आया 16 लाख, उपभोक्ता परेशान

सुपौल : आठ नवंबर को देश में नोटबंदी की घोषणा के बाद से ही अधिकतर लोग पाई-पाई के लिए मोहताज हैं. हर जमा व निकासी के लिए लोगों को घंटों कतार में खड़ा रहना पड़ रहा है. रोजी-रोजगार करने वालों को भी आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे समय में अचानक किसी […]

सुपौल : आठ नवंबर को देश में नोटबंदी की घोषणा के बाद से ही अधिकतर लोग पाई-पाई के लिए मोहताज हैं. हर जमा व निकासी के लिए लोगों को घंटों कतार में खड़ा रहना पड़ रहा है. रोजी-रोजगार करने वालों को भी आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे समय में अचानक किसी के बैंक खाते में अगर 16 लाख रुपये जमा हो जाये, तो चर्चा होना लाजिमी है. ऐसा ही एक मामला महावीर चौक स्थित डाकघर के एक बचत खाता में सामने आया तो खाता धारक के होश उड़ गये. इधर, एहतियात के तौर पर डाक विभाग के अधिकारियों ने उक्त बचत खाते को फ्रीज कर दिया है.

रुपये आने के बाद से परेशान हैं रूबी
मुख्यालय बाजार निवासी रूबी कुमारी का महावीर चौक स्थित डाकघर में बचत खाता है. सामान्य तौर पर भी उसके बैंक खाते में लाख रुपये रहते थे, लेकिन जमा व निकासी आसानी से हो जाती थी, लेकिन गत छह दिसंबर को जब वह खाता से निकासी के लिए पहुंची, तो उसे साफ तौर पर सुविधा उपलब्ध कराने से इनकार कर दिया गया. अगले दिन भी निकासी नहीं होने पर उसने पूछताछ की. इस क्रम में बताया गया कि उसके खाते में एकमुश्त 16 लाख रुपये जमा हुए हैं.
यही कारण है कि उसके बचत खाता को फ्रीज कर दिया गया है. डाक कर्मियों ने बताया कि उसके खाता से संबंधित सूचना डाक विभाग के वरीय अधिकारियों को दिया गया है. जांच संपन्न होने के बाद ही खाता का संचालन पुन: आरंभ हो पायेगा. रूबी को यह समझ नहीं आ रहा है कि रुपये आखिर किसने जमा कराये. उसने तत्काल ही आशय की शिकायत डाक अधीक्षक से की, लेकिन समस्या का निदान नहीं निकल सका है.
10 दिनों से नहीं हो सका है खाता से लेनदेन
खाता धारक रुबी कुमारी बताती है कि उसके खाते में 16 लाख रुपये कहां से आये, इसका उसे कुछ पता नहीं है, लेकिन इस 16 लाख के चक्कर में वह पूर्व से ही अपने खाते में जमा रुपये भी निकासी नहीं कर पा रही है. रुबी की मानें तो उसकी मां बीमार है और उसके उपचार के लिए रुपये की आवश्यकता है, लेकिन खाता फ्रीज रहने के कारण न रुपये जमा हो पा रहे हैं और न ही निकासी हो पा रही है. ऐसे में खुद का रुपया होते हुए भी उसे कर्ज के लिए दर-दर की ठोकर खाना पड़ रहा है.
क्या कहते हैं पोस्टमास्टर
पोस्टमास्टर िनरंजन कुमार ने कहा िक ऑपरेटर की भूल से बचत खाता में यह गड़बड़ी उत्पन्न हुई है. इसकी शिकायत मुख्य डाक घर को भेज दी गयी है. शीघ्र ही समस्या को दूर कर लिया जायेगा.

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