186 विद्यालय में 26 विद्यालय ने ही जमा किया है डाटा
सिमरी बख्तियारपुर : व्यवस्था में बड़े बदलाव के लिए शुरू हुई पहल में स्कूल संचालक ही रोड़ा अटका रहे हैं. केंद्र सरकार के निर्देश पर बच्चों की यूनिक आइडी बन रही है. यह आइडी बच्चों की खास पहचान होगी. लेकिन विभाग क्या करे, स्कूल वाले डाटा ही नहीं दे रहे हैं. ऑनलाइन एसडीसीएफ (स्टूडेंट डाटा कैप्चर फॉरमेट) तैयार किया जाना है.
जिसके लिए सभी स्कूलों, प्राइमरी से हाइ स्कूल तक के बच्चों का रिकॉर्ड मांगा गया है. स्थिति यह है कि समय बीतने के महीने भर बाद भी प्रखंड के 186 विद्यालय में करीब 26 विद्यालय ने ही डाटा जमा किया है और 160 विद्यालयों ने डाटा जमा नहीं किया. सबसे खराब स्थिति शहरी क्षेत्र में स्थित निजी विद्यालयों की है. विभागीय आंकड़े के अनुसार शहर में 11 निजी विद्यालयों में अभी तक किसी ने भी स्टूडेंट डीसीएफ जमा नहीं किया है. वहीं कई प्रखंड में सरकारी स्कूलों की स्थिति भी ठीक नहीं है. सिमरी बख्तियारपुर में केवल 186 में ये 26 सरकारी स्कूलों ने ही डाटा जमा किया है. सलखुआ व बनमा इटहरी प्रखंड में भी यही हाल है. यूनिक आइडी सभी बच्चों की अपनी खास पहचान होगी. इसके सहारे एक क्लिक में बच्चे से संबंधित सारे रिकॉर्ड मिल जायेंगे. पिछली कक्षाओं में रिजल्ट की जानकारी होगी. इसके साथ जिले या राज्य से बाहर एडमिशन के समय पिछले रिजल्ट का सत्यापन हो सकेगा.
ऑनलाइन डाटा फीड करते ही जेनरेट होगा आइडी:बिहार शिक्षा परियोजना परिषदकी ओर से बच्चों का डाटा तैयार किया जा रहा है. सभी सरकारी व निजी विद्यालयों से निर्धारित फॉरमेट पर रिकॉर्ड मांगा जा रहा है. जिला स्तर पर ऑफलाइन डाटा तैयार किया जा रहा है. इसके बाद इसे ऑनलाइन फीड किया जायेगा. स्टूडेंट डीसीएफ के पेज पर ऑनलाइन डाटा फीड किया जाना है. किसी बच्चे से जुड़ी सारी जानकारियां जैसे ही फीड हो जायेंगी, ऑटोमेटिक यूनिक आइडी जेनरेट हो जायेगा.
