पारा लुढ़का, ठंड ने बढ़ायी की परेशानी
सुपौल : जिले भर में बीते एक सप्ताह से निरंतर तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है. साथ ही अपराह्न होते ही संपूर्ण वातावरण को कोहरे की चादर में सिमट रही है. तापमान का पारा गिरने से जहां आम जन जीवन पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है. वहीं दफ्तरों में कार्य करने वाले कर्मियों […]
सुपौल : जिले भर में बीते एक सप्ताह से निरंतर तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है. साथ ही अपराह्न होते ही संपूर्ण वातावरण को कोहरे की चादर में सिमट रही है. तापमान का पारा गिरने से जहां आम जन जीवन पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है. वहीं दफ्तरों में कार्य करने वाले कर्मियों को कार्य के निष्पादन में भारी परेशानी हो रही है.
जबकि मजदूर वर्ग के लोगों को रोजी रोटी जुटाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. एक तरफ कंपकपाती ठंड के कारण अहले सुबह टहलने वाले लोग पूर्वाह्न आठ से दस बजे रजाई से बाहर निकलते हैं. वहीं अपराह्न होते ही घर में दुबक जाते हैं. मौसम के इस बदलते स्वरूप के बावजूद प्रशासन द्वारा अब तक सार्वजनिक स्थलों पर अलाव की व्यवस्था उपलब्ध नहीं करायी गयी है. जबकि बाजार क्षेत्र में दुकानदारों द्वारा गर्म कपड़े का स्टॉक कर लिया गया है. जहां दुकानों पर काफी संख्या में खरीदारों की भीड़ जुट रही है.
लुढ़क रहा जिले का पारा
रविवार को कपकपाती ठंड के मौसम में जिले वासियों को 10 डिग्री तापमान तक का सामना करना पड़ा. साथ ही दिनभर जिला मुख्यालय सहित अन्य बाजार क्षेत्रों में कपकपाती ठंड के कारण सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आये. जिले भर में दिनभर लोगों को सूर्यदेव का दर्शन नहीं हो पाया. जिस कारण दोपहर के समय कुछ दुकानों पर ग्राहकों द्वारा स्वेटर, टोपी सहित अन्य गर्म वस्त्र की खरीदारी करते देखे गये. ठंड के कारण संध्या होते ही बाजार क्षेत्र में आम दिनों की तरह लोगों के चहल पहल में भारी कमी देखी गयी.
गरीब-मजदूरों की बढ़ी परेशानी
गौरतलब हो कि मजदूरी कर जीवन बसर कर रहे लोगों के सामने ठंड ने परेशानी खरी कर दी है. मालूम हो कि ग्रामीण क्षेत्र के मजदूर जिला मुख्यालय स्थित महावीर चौक, स्टेशन चौक, डाकघर, लोहिया नगर चौक पर सुबह होते ही दैनिकी पहुंचते रहे हैं. जहां आवश्यकता नुसार मुख्यालय वासियों द्वारा पारिश्रमिक देकर रोजगार उपलब्ध कराया जाता है. कई मजदूरों ने बताया कि एकाएक ठंड बढ़ जाने के कारण उन लोगों का रोजगार प्रभावित हो रहा है. जिसके वजह से परिवार के बीच एक बड़ी समस्या उत्पन्न हो गयी है, कैसे परिवार का भरण पोषण होगा. मजदूरों ने बताया कि साहब लोग ठंड के कारण अपने – अपने घर में दुबके हुए हैं. साथ ही ठंड की वजह से मजदूरों की स्थिति भी काम करने लायक नहीं है. ऐसी स्थिति में अलाव के समीप बैठक समय व्यतीत करने पर विवश होना पड़ रहा है.