डीइओ कार्यालय के प्रधान लिपिक व कर्मी निलंबित

सुपौल : जिला शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय में तैनात अधिकारी व कर्मी हम नहीं सुधरेंगे के तर्ज पर जिले में कार्य कर रहे हैं. अपने मनमाने रवैये और गलत कार्यों के लिए हमेशा से ही यह कार्यालय सुर्खियों में रहा है. हाल के दिनों में सरकार द्वारा मनमाने ढ़ंग से कार्य करने एवं सरकारी आदेश […]

सुपौल : जिला शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय में तैनात अधिकारी व कर्मी हम नहीं सुधरेंगे के तर्ज पर जिले में कार्य कर रहे हैं. अपने मनमाने रवैये और गलत कार्यों के लिए हमेशा से ही यह कार्यालय सुर्खियों में रहा है. हाल के दिनों में सरकार द्वारा मनमाने ढ़ंग से कार्य करने एवं सरकारी आदेश की अवहेलना के आरोप में कई अधिकारियों के विरुद्ध निलंबन सहित अन्य कई कार्रवाई की जा चुकी है. बावजूद इसके अधिकारी व कर्मियों की कार्यशैली में किसी प्रकार का बदलाव नहीं हो रहा है.

गत माह सरकार द्वारा विभागीय आदेश का अनुपालन नहीं करने एवं आवंटन के बावजूद शिक्षकों को नियत समय पर वेतन का भुगतान नहीं करने के आरोप में जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना को निलंबित भी कर दिया गया. लेकिन इस कार्रवाई के बावजूद यहां के अधिकारी व कर्मी सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं.

इसी कड़ी में विभागीय आदेश की अवहेलना, अनुशासनहीनता एवं स्वेच्छाचारिता से कार्य करने के आरोप में एक बार फिर इस कार्यालय के दो कर्मियों पर निलंबन की गाज गिरी है. क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक कोसी प्रमंडल सहरसा प्रभाकर सिंह ने जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय के प्रधान लिपिक नरेश प्रसाद एवं स्थापना शाखा के लिपिक विजय कुमार मंडल को विभागीय कार्यवाही के अधीन रखते हुए पत्र निर्गत की तिथि से निलंबित कर दिया है.

निलंबन मुख्यालय सहरसा निर्धारित : कोसी प्रमंडल सहरसा के क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक प्रभाकर सिंह ने 06 दिसंबर को कार्यालय आदेश ज्ञापांक 2357 जारी कर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना सुपौल के द्वारा समर्पित प्रतिवेदन में वर्णित आरोपों के आधार पर बिहार सरकारी सेवक नियमावली 2005 के आलोक में डीइओ कार्यालय के प्रधान लिपिक नरेश प्रसाद एवं लिपिक विजय कुमार मंडल को पत्र निर्गत की तिथि से विभागीय कार्रवाई के अधीन रखते हुए निलंबित कर दिया है.
निलंबित अवधि में दोनों निलंबित कर्मियों का मुख्यालय डीइओ कार्यालय सहरसा निर्धारित किया गया है. दोनों कर्मियों के विरुद्ध आरोप पत्र अलग से निर्गत किया जा रहा है.
डीपीओ के पत्र के आलोक में आरडीडीइ ने दोनों कर्मियों को किया निलंबित
दोनों कर्मियों पर कार्य में लापरवाही, विभागीय आदेश की अवहेलना सहित अन्य कई गंभीर आरोप
निलंबन अवधि में दोनों कर्मियों का मुख्यालय सहरसा किया गया निर्धारित
क्या है आरडीडीइ का आदेश
आरडीडीइ द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना सुपौल के पत्रांक 275 दिनांक 10 सितंबर 2016 एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा अनुशंसित पत्र में विजय कुमार मंडल लिपिक को अपने पदाधिकारी द्वारा दिये गये आदेश की अवहेलना, स्वेच्छाचारिता से कार्य करने, अनुशासनहीनता एवं सरकार एवं विभागीय आदेश की अवहेलना करने तथा नरेश प्रसाद प्रधान लिपिक द्वारा अपने कर्तव्य का निर्वाह नहीं करने के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई हेतु लिखा गया है. इस संबंध में दोनों लिपिक से इस कार्यालय के द्वारा स्पष्टीकरण की मांग की गयी. दोनों कर्मियों के प्राप्त स्पष्टीकरण संतोषप्रद नहीं पाये जाने तथा जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं जिला कार्यक्रम पदाधिकारी द्वारा अनुशंसित आरोपों के आधार पर बिहार सरकार के नियमावली के तहत दोनों कर्मियों को निलंबित किया गया है. निलंबन अवधि में बिहार सरकारी सेवक नियमावली के आलोक में दोनों कर्मियों को नियमानुसार निलंबन भत्ता देय होगा.

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