वीरपुर : गत तीन दिनों से हृदयनगर पंचायत में दो गुटों में हुई मारपीट की घटना के बाद उपजे तनाव को लेकर जहां प्रशासनिक अधिकारियों की सांसे फूल रही थी. वही स्थानीय जनप्रतिनिधियों के पहल के बाद माहौल को सामान्य कराया जा सका.
गौरतलब हो कि बीते शनिवार को दो पक्षों के बच्चों के बीच प्रेम प्रसंग मामले में पनपे विवाद के बाद आपसी तनाव का माहौल पैदा हो गया. जहां दोनों पक्षों में जम कर मारपीट हुई. इस घटना में महिला समेत कुल सात लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गये थे. जिनका वीरपुर अनुमंडलीय अस्पताल में इलाज चल रहा था. गम्भीर रूप से घायल तीन लोगो को बेहतर इलाज के लिए बहार रेफर कर दिया गया था. जहां उपचार के दौरान ही 55 वर्षीय लिलाह साफ़ी की मौत रविवार की रात नेपाल के बिराटनगर स्थित एक निजी अस्पताल हो गयी.
इस बीच मौके पर जिले के पुलिस कप्तान कुमार ऐकले और डीएसपी सुधीर कुमार ने रविवार को घंटों कैंप कर मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसबी और बिहार पुलिस के जवान को सीतापुर में तैनात कर दिया. रविवार को डीएसपी वीरपुर सुधीर कुमार व अनुमंडल पदाधिकारी अरुण कुमार सिंह के नेतृत्व में मध्य विद्यालय सीतापुर में शांति-समिति की बैठक कर दोनों संप्रदायों के लोगो के बीच शांति-व्यवस्था बनाये रखने को लेकर बैठक की गयी. सीतापुर बाजार में एसएसबी और बिहार पुलिस के जवानों के द्वारा फ्लैग मार्च भी निकाला गया .
रविवार की रात मो लिलाह साफी की इलाज के क्रम में मौत की खबर मिलने के बाद से गांव का माहौल एक बार फिर तनाव की ओर बढ़ने लगा. मृतक की लाश आते ही घर में जहां कोहराम मच गया. वहीं आनन-फानन में लाश को पोस्टमार्टम के लिए सुपौल भेज दिया गया और क्षेत्र में पुलिस सुरक्षा बढ़ा दी गयी. सोमवार को अनुमंडल प्रशासन की पहल पर पीड़ित के परिजनों के बीच 23 हजार सहायता-राशि के रूप में दी गयी एवं पुलिस सुरक्षा के बीच मृतक की लाश को सुपुर्द-ए-खाक किया गया. तनाव स्थल पर जनप्रतिनिधि जहूर आलम , मो रहमतुल्लाह, मो तौहीद, सुरेंद्र खड़का, मो शौकत, मो मंजूर आलम आदि ने दोनों पक्षों की समस्या को सुन मामले को शांत करवाया.
स्थानीय जन-प्रतिनिधियों ने माहौल को बिगड़ने से बचाने में निभायी महत्वपूर्ण भूमिका
अनुमण्डल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ,बीडीओ बसंतपुर एवं कार्यपालक दण्डाधिकारी मौके पर रहे सक्रिय
प्रशासन की मौजूदगी में शव कराया सुपुर्द ए खाक
