अनदेखी. मनमाने ढंग से हो रहा वार्ड समिति का गठन
समिति गठन में वार्ड सदस्य द्वारा मनमाने ढंग से समिति का गठन कर सचिव का चुनाव कर लिया जाता है जिसका ग्रामीण िवरोध कर रहे हैं.
सुपौल : बिहार सरकार के सात निश्चय योजना के तहत चलने वाली गली-नाली योजना को सुचारु रूप से चलाने के उदे्श्य से सरकार ने सभी पंचायतों में वार्ड सदस्य की अध्यक्षता में एक समिति गठन का चयन करके योजना को शत प्रतिशत लागू करने का निर्देश दिया है जो विफल साबित हो रहा है. समिति गठन में वार्ड सदस्य द्वारा मनमाने ढंग से समिति का गठन कर सचिव का चुनाव करते हैं. जिसका विरोध ग्रामीणों द्वारा बार-बार किये जाने के बावजूद वार्ड सदस्य मनमाने ढंग से चुनाव कर लेते हैं. पिपरा प्रखंड की बात करे तो अधिकांश पंचायत का यही हाल है.
इस बाबत प्रखंड स्थित पथरा उत्तर पंचायत के वार्ड नंबर तीन और पांच के ग्रामीणों द्वारा इस संबंध में बीडीओ से इसकी लिखित शिकायत भी की है. लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुयी है. दिये आवेदन में कहा गया है कि वार्ड सदस्य द्वारा बिना वार्ड सभा बुलाये लोगों के घर-घर जाकर पंजी पर हस्ताक्षर करवा कर अपने नजदीकी लोगों को सचिव पद के लिये चुन लिया है जो अवैध है. आवेदन देने वालों में दशरथ मंडल, केवल मंडल, सियाराम मंडल, कल्पना देवी, ललीता देवी, सुशील कुमार, विरेंद्र साह, मो उसमान, गुनाय साह, दयानंद साह, रतन साह, बलराम चौधरी, अशोक साह, रंजीत चौधरी, जयप्रकाश मंडल, पप्पू कुमार, ललित साह, उपेंद्र चौधरी, जितेंद्र चौधरी, रंजीत ठाकुर, राजकुमार मंडल, सूर्यनारायण मंडल,बासुदेव साह,नथुनी पासवान, नूनू लाल पासवान,दिलीप मंडल, भागवत साह, मुकेश वर्मा, जवाहर लाल दास, रामकिशुन साह, दयानंद गोस्वामी, दीपक कुमार, राजेंद्र मंडल सहित अन्य हैं.
