अब सिकंदर के दरवाजे पर कैसे बजेगी शहनाई

सुपौल : पिपरा प्रखंड के पथरा उत्तर पंचायत स्थित जोल्हनियां गांव के वार्ड नंबर सात में मंगलवार को अगलगी की हुई भीषण घटना ने पीड़ित गरीब परिवारों की कमर तोड़ कर रख दी है. अग्नि पीड़ितों का सारा सामान जल कर राख हो गया. जिसके कारण उनके समक्ष भोजन व आशियाने के साथ ही अन्य […]

सुपौल : पिपरा प्रखंड के पथरा उत्तर पंचायत स्थित जोल्हनियां गांव के वार्ड नंबर सात में मंगलवार को अगलगी की हुई भीषण घटना ने पीड़ित गरीब परिवारों की कमर तोड़ कर रख दी है.

अग्नि पीड़ितों का सारा सामान जल कर राख हो गया. जिसके कारण उनके समक्ष भोजन व आशियाने के साथ ही अन्य कई तरह की समस्याएं उत्पन्न हो गयी है. अगलगी में छह परिवारों के 10 घर जल कर राख हो गये थे. जिसमें पीड़ित महीम अंसारी, बेचन अंसारी, बीबी खातुन एवं रोजिदा खातुन का एक-एक घर, जागेश्वर साह के तीन घर तथा सिकंदर अंसारी के तीन घर शामिल हैं. पीड़ितों को अगलगी की घटना के दो दिन बीत जाने के बावजूद अब तक किसी प्रकार की सरकारी सहायता नहीं मिल पायी है. जिससे पीड़ितों का दर्द और भी बढ़ता जा रहा है.

खाक हो गयी जिंदगी भर की कमाई : तकरीबन सभी अग्नि पीड़ितों का बुरा हाल है. जिंदगी भर की कड़ी मेहनत की कमाई कुछ ही पल में खाक हो जाने से उन्हें भविष्य की चिंता सता रही है. सबसे बुरा हाल सिकंदर अंसारी का है, जिसकी बेटी की शादी अगले माह होने वाली थी. बेटी के हाथ पीले करने की तमन्ना में सिकंदर ने काफी मशक्कत के बाद जेवर, कपड़े, बरतन आदि की खरीद की थी. लेकिन एक चिंगारी से फैली आग ने सिकंदर के घर के साथ ही उसके सपनों को चकनाचूर कर दिया.
अब सिकंदर को कुछ समझ नहीं आ रहा कि शादी के लिये वह किस प्रकार फिर से आवश्यक सामानों की खरीदारी कर पायेगा. गौरतलब है कि सिकंदर मजदूरी कर अपने घर-परिवार का पालन-पोषण कर रहा था. ऐसे में बेटी की शादी उसके लिये बड़ी उपलब्धि के समान था. अगलगी ने उनके सपनों पर अचानक ग्रहण लगा दिया. जिसकी चिंता में पूरा परिवार जी रहा है. घर-बार जल जाने के वजह से उन्हें खुले आसमान के नीचे गुजारा करना पर रहा है.
संवेदनहीन बना है प्रशासन : पीड़ितों ने बताया कि अगलगी के घटना की सूचना थाना सहित अंचल कार्यालय को तत्काल दे दी गयी थी. लेकिन दो दिन बाद भी उन्हें प्रशासन द्वारा कोई मदद उपलब्ध नहीं करायी गयी है. इस बाबत पूछे जाने पर पिपरा के अंचलाधिकारी रमेश कुमार सिंह का बयान भी कम पीड़ादायक नहीं है. साथ ही प्रशासनिक पदाधिकारी की संवेदनहीनता को भी दर्शाता है. सीओ श्री सिंह ने इस संबंध में पूछे जाने पर कहा कि सहायता राशि के लिये सभी पीड़ितों को सूचना दे दी गयी है. अंचल कार्यालय पहुंच कर वे अपनी-अपनी सहायता राशि प्राप्त कर सकते हैं.
खास बातें
अगलगी की घटना ने पीड़ित परिवार की तोड़ी कमर
सब कुछ जल कर हुआ खाक, खुले आसमान के नीचे जीवन-बसर कर रहे पीड़ित
प्रशासन ने दो दिन बीत जाने के बाद भी नहीं ली सुधी
मंगलवार को अगलगी में छह परिवारों के 10 घर जल कर हुए थे खाक

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