सिमराही : लाख कोशिश के बाद भी प्रखंड के सिमराही बाजार स्थित एनएच 57 व 106 को जाम की समस्या से निजात नहीं मिल पायी है. आलम यह है कि इस सड़क से परिचालित वाहन चालकों को घंटो जाम की स्थिति से गुजरना पड़ता है. उक्त समस्या से आम जनों को जहां काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. वहीं स्कूली बच्चे भी समय से विद्यालय नहीं पहुंच पाते हैं. इतना ही नहीं सबसे बड़ी कठिनाई उस वक्त होती है जब स्कूल में छुट्टी के बाद स्कूल वाहन में बच्चे भूख से बिलबिलाते हुए घंटो जाम का सामना कर इस मार्ग से गुजरते हैं.
स्कूल में छुट्टी के बाद वाहन में बच्चे भूख से बिलबिलाते हुए घंटो जाम का सामना कर इस मार्ग से गुजरते हैं
सिमराही : लाख कोशिश के बाद भी प्रखंड के सिमराही बाजार स्थित एनएच 57 व 106 को जाम की समस्या से निजात नहीं मिल पायी है. आलम यह है कि इस सड़क से परिचालित वाहन चालकों को घंटो जाम की स्थिति से गुजरना पड़ता है. उक्त समस्या से आम जनों को जहां काफी परेशानी का […]

सार्वजनिक वाहन पड़ाव नहीं
गौरतलब हो कि ईस्ट वेस्ट काॅरिडोर परिचालन से दो भागों में विभाजित मिथिलांचल का एकीकरण हुआ. मिथिलांचल बाजार व आस-पड़ोस के गांव जिसे कभी कोसी ने बांट रखा था, एकीकरण के बाद मिथिलांचल के बाजारों में लोगों की भीड़ बढ़ने लगी. ऑटो रिक्शा, कार सहित बड़े वाहनों से लोग एक दूसरे मार्केट में जाकर खरीदारी भी कर रहे हैं. वहीं मार्केट में सार्वजनिक वाहन पड़ाव नहीं रहने से वाहन चालकों के सामने सड़क पर ही वाहन खड़े करने की विवशता बनी हुई है.
हालांकि प्रशासन द्वारा जाम से निजात दिलाये जाने की दिशा में कई बार पहल की गयी. इसके साथ ही दर्जनों बार स्थानीय लोगों व एनएच के अधिकारियों के साथ बैठक कर जाम से निजात पाने का उपाय भी किया गया, लेकिन वह सफल साबित नहीं हुआ.
मालूम हो कि जिलाधिकारी की अध्यक्षता में स्थानीय लोगों के साथ हुई बैठक में जाम से राहत दिलाने के लिए लिये गये सभी निर्णय विफल ही साबित हुए हैं. आलम यह है कि एनएच के अधिग्रहीत जमीन पर रैयत के भवन को जबरन हटाने का निर्णय लिया गया. बावजूद इसके एनएच पर अवैध रूप से आज भी दर्जनों फुटकर विक्रेता का अधिपत्य बरकरार है. इतना ही नहीं ऑटो रिक्शा, बस व अन्य वाहन पार्किंग के लिए कोई स्थाई जगह नहीं रहने से बस चालक इन सड़कों पर ही वाहनों को घंटो खड़ी कर पैसेंजर चढ़ाते व उतारते हैं. जबकि इनके लिये अंचलाधिकारी को जमीन ढूंढ कर अधिग्रहण करना था, जो नहीं हो पाया. वहीं सर्विस पथ निर्माण सहित एनएच किनारे नाला का निर्माण, फुट ओवरब्रिज का निर्माण कार्य को नजर अंदाज कर दिया गया. इससे जाम से सिमराही बजार निजात नहीं पा सका है. इस बाबत जब सर्किल ऑफिसर श्यामकिशोर यादव से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि जिला पदाधिकारी से जो निर्देश प्राप्त हुआ उस पर कार्रवाई हुई है.