12 वर्षीया छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म

घर के समीप िशव मंदिर में शादी देखने जा रही थी किशोरी पीड़ित किशोरी की मां व दादी ने बताया कि सोमवार की देर रात करिश्मा (काल्पनिक नाम) शिव मंदिर पर आयोजित शादी समारोह देखने जा रही थी, लेकिन मंदिर पहुंचने से पूर्व ही वार्ड नंबर 13 निवासी युवकों ने डीजे की शोर का फायदा […]

घर के समीप िशव मंदिर में शादी देखने जा रही थी किशोरी
पीड़ित किशोरी की मां व दादी ने बताया कि सोमवार की देर रात करिश्मा (काल्पनिक नाम) शिव मंदिर पर आयोजित शादी समारोह देखने जा रही थी, लेकिन मंदिर पहुंचने से पूर्व ही वार्ड नंबर 13 निवासी युवकों ने डीजे की शोर का फायदा उठा कर किशोरी को झाड़ी में ले जाकर मुंह में कपड़ा ठूंस दिया और हाथ पैर बांधने के बाद बारी-बारी से दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया
छातापुर (सुपौल) : भीमपुर थाना क्षेत्र के जीवछपुर वार्ड नंबर 11 की एक 12 वर्षीया छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है. गांव के ही दो शादी-शुदा युवकों ने उस वक्त घटना को अंजाम दिया जब वह घर के समीप पुरानी बाजार स्थित शिव मंदिर में शादी समारोह देखने जा रही थी. मंदिर जाने के क्रम में रास्ते में ही आरोपियों ने उसे अकेला देख कर जबरन गोद में उठा लिया और समीप के झाड़ी में ले जा कर दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया.
किशोरी की अस्मत लुटने के बाद उसे अचेतावस्था में छोड़ कर दोनों आरोपी मौके से भाग निकले. बहशी दरिदों की शिकार हुई पीड़िता की अत्यधिक रक्तस्राव के कारण नाजुक स्थिति बनी हुई है. घटना सोमवार रात की बतायी जा रही है. घर में पुरुष सदस्य नहीं रहने के कारण घटना के तीन दिन बाद स्थानीय पुलिस की नींद खुली और मामले को महिला थाना सुपौल भेजा गया है.
कक्षा पांच की है छात्रा
पीड़िता मध्य विद्यालय जीवछपुर में कक्षा पांच की छात्रा है. पीड़ित किशोरी की मां व दादी ने घटनाक्रम की जानकारी देते बताया कि सोमवार की देर रात करिश्मा(काल्पनिक नाम) शिव मंदिर पर आयोजित शादी समारोह देखने जा रही थी. लेकिन मंदिर पहुंचने से पूर्व ही वार्ड नंबर तेरह निवासी युवकों ने डीजे की शोर का फायदा उठाकर किशोरी को उठा लिया और झाड़ी में ले जाकर मुंह में कपड़ा ठूंस दिया और हाथ पैर बांधने के बाद बारी बारी से दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया.
पीिड़ता की हालत गंभीर
बताया कि रात्रिकाल घंटों बीत जाने के बाद किशोरी जब घर नहीं लौटी तो खोजबीन के क्रम में वह झाड़ी में अचेतावस्था मे पायी गयी. बताया कि अहले सुबह तकरीबन तीन बजे ही ग्रामीणों द्वारा भीमपुर थानाध्यक्ष के मोबाईल पर घटना की जानकारी दी गयी. उन्होंने मंगलवार सुवह आने की बात कही लेकिन पुलिस नहीं पहुंची.
अपराह्न काल गांव के चौकीदार ने आ कर पूछताछ किया और चले गये. पीड़िता की हालत विगड़ता देख अचेतावस्था में उपचार के लिये बेलागंज स्थित निजी क्लीनिक में भरती कराया गया जहां चिकित्सक ने प्राथमिक उपचार करने के बाद बेहतर इलाज के लिए अन्यत्र ले जाने को कहा. लेकिन घर में पुरुष सदस्य नहीं रहने के कारण उसे घर पर ही रखा गया है.वहीं उपचार नहीं होने एवं अधिक रक्तस्राव के कारण उसकी नाजुक स्थिति बनी हुई है. बताया कि समाज के कुछ लोगों द्वारा लोक लज्जा का हवाला देकर स्थानीय स्तर पर पंचायती कर मामले का निपटारा कर देने का दबाब बनाया जा रहा है. जिस कारण उसका परिवार दहशत में है.
इस बाबत थानाध्यक्ष ब्रजेश कुमार चौहान ने बताया कि परिजनों ने घटना को लेकर न तो आवेदन दिया और न ही मोबाईल से सूचना दी गयी है.चौकीदार द्वारा भी मामले की जानकारी नहीं दी गयी. इस स्थिति में कार्रवाई के लिए पुलिस सक्षम नहीं है. उन्होंने बताया कि शुक्रवार को परिजनों के साथ थाना पहुंची पीड़िता को महिला थाना भेज दिया गया है.

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