सुपौल : अगर इस देश और राज्य में भारत के संविधान और कानून का कोई मतलब नहीं है तो मैं संविधान निर्माता बाबा साहेब भीम राव आंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष 14 अप्रैल को पूरे परिवार के साथ अपने पुत्र को न्याय दिलाने के लिए आत्मदाह कर लूंगा.
उक्त व्यथा पुलिस अधीक्षक डॉ कुमार एकले को लिखे पत्र में जिले के पिपरा थाना क्षेत्र अंतर्गत अमहा गांव निवासी उपेंद्र सादा ने व्यक्त किया है. श्री सादा अपने पुत्र मुकेश सादा की सड़क हादसे में मौत के बाद उसे न्याय दिलाने के प्रयास में जुटे हैं.
क्या है मामला :
पिपरा थाना क्षेत्र के अमहा गांव निवासी उपेंद्र सादा के पुत्र मुकेश सादा की मौत 30 नवंबर 2015 को अमहा के समीप बस के चपेट में आने से हो गयी थी. घटना के बाद स्थानीय ग्रामीण एवं पुलिस द्वारा उक्त बस को पकड़ कर पिपरा थाना ले जाया गया. लेकिन पीड़ित का आरोप है कि पुलिस द्वारा उनसे सादे कागज पर अंगूठा लगवाने के बाद बस को छोड़ दिया गया.
पीड़ित ने बताया है कि इस मामले में पुलिस द्वारा थाना कांड संख्या 130/15 दर्ज की गयी, लेकिन चालक को अभियुक्त नहीं बनाया गया. पुलिस अधीक्षक को लिखे पत्र में पीड़ित उपेंद्र सादा ने पिपरा पुलिस द्वारा रकम लेकर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है. पिपरा थानाध्यक्ष मो नजीमउद्दीन ने कहा कि मृतक मुकेश सादा के पिता उपेंद्र सादा द्वारा अज्ञात के विरुद्ध आवेदन दिया गया था. इसी आवेदन के आलोक में प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. वरीय अधिकारियों द्वारा पर्यवेक्षण में चालक का नाम जोड़ दिया गया है.
