ग्रामीणों में आक्रोश . आज भी ढिबरी युग में जीने को विवश

नहीं हुआ विद्युतीकरण कार्य आज के समय में भी हरिराहा पंचायत स्थित कई वार्डों के उपभोक्ता आज भी बिजली की सुविधा से वंचित हैं, जबकि केन्द्र से लेकर राज्य सरकार ग्रामीण इलाकों में विकास के लिए तरह-तरह की योजना चला रही है. इसके बाद भी ग्रामीण इलाका विकास से कोसो दूर हैं. करजाइन : थाना […]

नहीं हुआ विद्युतीकरण कार्य

आज के समय में भी हरिराहा पंचायत स्थित कई वार्डों के उपभोक्ता आज भी बिजली की सुविधा से वंचित हैं, जबकि केन्द्र से लेकर राज्य सरकार ग्रामीण इलाकों में विकास के लिए तरह-तरह की योजना चला रही है. इसके बाद भी ग्रामीण इलाका विकास से कोसो दूर हैं.
करजाइन : थाना क्षेत्र के हरिराहा पंचायत स्थित कई वार्डों के उपभोक्ता आज भी बिजली की सुविधा से वंचित हैं. गांव में अब तक विद्युतीकरण नहीं होने की वजह से स्थानीय लोगों में आक्रोश है. जानकारी अनुसार पंचायत के वार्ड नंबर 1,3,4,5,7,व 14 के विद्युतीकरण का कार्य नहीं हो पाया है. इस वजह से लोगों को आज भी ढिबरी युग में जीने को विवश होना पड़ रहा है. जबकि इन वार्डों में निवास करने वाले अधिकांश महादलित परिवार के लोग हैं.
नियमानुसार राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत सर्व प्रथम महादलित बस्ती को रौशन करने की योजना है. स्थिति यह है कि अब तक इन वार्डों में इस योजना के तहत न तो बिजली के खंभे लगाये गये हैं और न ही इस दिशा में किसी प्रकार का ठोस पहल हो रही है. नतीजा यह है की गांव के अधिकांश लोग आजादी के दसको बाद भी ढिबरी युग में जीने को मजबूर हैं.
कहते हैं ग्रामीण
ग्रामीण वीरेंद्र कुमार ने बताया कि एक ओर सरकार जहां राज्य के सभी घरो तक बिजली सुविधा उपलब्ध कराने की बात करती है, वहीं इस गांव में आज तक विद्युतीकरण का कार्य भी आरंभ नहीं किया गया है. रामदेव यादव ने कहा कि गांव के लोग विद्युती करण के लिए विद्युत विभाग के कार्यालय का चक्कर लगा कर थक चुके हैं. लेकिन इस समस्या के प्रति विभागीय अधिकारी गंभीर नहीं हैं. इसका नतीजा है कि ग्रामीणों को लाख प्रयास के बाद भी इस कार्य में सफलता हासिल नहीं हो पा रही है. ग्रामीण विजय यादव ने कहा कि सरकार एवं विभाग के कथनी और करनी में काफी अंतर है.
बताया कि बिना चढ़ावे के कोई भी काम निष्पादित नहीं हो पा रहा है. सुखदेव सादा ने कहा क़ि सरकार महादलित बस्ती के विकास के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है.लेकिन सरजमीन पर इसका समुचित लाभ उन्हें नहीं मिल पाता है.बताया कि गांव के विद्युतीकरण के लिए कई बार अधिकारियों के समक्ष गुहार लगायी गयी, जिसका आज तक कोई परिणाम नहीं निकल पाया है.

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