कुमार अमर
सुपौल : ‘रात नहीं ख्वाब बदलता है, मंजिल नहीं कारवां बदलता है, जज्बा रखो जीतने का, क्योंकि किस्मत बदले ना बदले, वक्त जरूर बदलता है’, ये कहावत सुपौल की बेटी बबीता पर पूरी तरह फिट बैठती है़ साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाली बबीता ने वो कर दिखाया है, जो आज हर महिला का सपना होता है़ समाज में उत्कृष्ट योगदान के लिए राष्ट्रीय स्तर पर 100 महिलाओं में सुपौल की इस बेटी ने अपना स्थान बना कर न सिर्फ जिले का, बल्कि बिहार को भी गौरवान्वित किया़
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 21 फरवरी की शाम बबीता से मुलाकात कर उनकी उपलब्धियों के लिए उन्हें बधाई दी. करीब 40 मिनट तक हुए इस मुलाकात में उन्हें भविष्य में भी एक नयी ऊंचाई हासिल करने की शुभकामना दी़
साथ ही नारी सशक्तीकरण की दिशा में किये जा रहे कार्य के लिए उनकी सराहना की़ मुख्यमंत्री ने मौके पर बिहार में लागू किये जा रहे शराबबंदी की चर्चा करते हुए इस कार्य में बबीता को भी बढ़-चढ़ कर सहयोग करने की जिम्मेवारी सौंपी़
मुख्यमंत्री ने बढ़ाया हौसला : बबीता ने प्रभात खबर के साथ हुई भेंट वार्ता में अपने उद्देश्य व लक्ष्य को आगे भी जारी रखने का संकल्प दोहराया़ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बिहार के विकास के प्रति बेहद संवेदनशील बताते हुए बबीता ने कहा कि मुख्यमंत्री से मिले सम्मान से उनका हौसला बढ़ा है़ मुख्यमंत्री ने उनकी बातों को ध्यान से सुना, जो महिलाओं के प्रति उनमें सम्मान के भाव का परिचायक है़ उनकी सोच जाहिर करती है कि महिलाओं की तरक्की उनकी प्राथमिकता है़
