कई विद्यालयों में नियोजित शिक्षक हैं वित्तीय प्रभार में उच्च न्यायालय ने लगभग चार वर्ष नियोजित शिक्षकों को वित्तीय प्रभार से मुक्त करने का दिया है आदेशछातापुर उच्च न्यायालय ने लगभग चार वर्ष नियोजित शिक्षकों को वित्तीय प्रभार से मुक्त करने के लिए राज्य सरकार को आदेश दिया था. इसके बावजूद नियोजित शिक्षक वित्तीय प्रभार में हैं. इस दौरान न्यायालय के आदेश का हवाला देकर सरकार द्वारा विभाग के साथ कई बार पत्राचार किया गया, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका असर नहीं दिख रहा है. इसके कारण कई विद्यालय में प्रतिनियुक्त नियोजित शिक्षक बिना किसी रोक-टोक के विद्यालयों के खातों का संचालन कर रहे हैं.क्या है न्यायालय का आदेशन्यायालय के आदेश के अनुपालन में अधिकारियों की कार्यकुशलता पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं. उच्च न्यायालय पटना के पारित आदेश संख्या 6725 दिनांक 23 जनवरी 2012 में वित्तीय प्रभार नियमित शिक्षक को देने की हिदायत दी गयी है. इस आलोक में बिहार सरकार पटना के पत्रांक 809 दिनांक पांच दिसंबर 2012 को निर्गत पत्र के अनुसार निर्धारित तिथि तक वित्तीय प्रभार नहीं देने वाले नियोजित शिक्षकों के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई करने की बात कही गयी है. हैरत की बात यह है कि आदेश के अनुपालन हेतु जिला शिक्षा कार्यालय के पत्रांक 505 दिनांक 09 सितंबर 2015 में स्पष्ट कहा गया है कि 03 दिसंबर 2015 तक वित्तीय प्रभार नहीं सौंपने वाले नियोजित शिक्षकों के विरुद्ध 04 दिसंबर को निलंबन की कार्रवाई की जायेगी. इसके बावजूद इस दिशा में प्रशासनिक पहल सवालों के घेरे में है.नियोजित शिक्षकों के पास है वित्तीय प्रभारमध्य विद्यालय जीवछपुर, घीवहा, उत्क्रमित मवि परियाही पूर्व, मवि मधुबनी, मुहम्मद गंज सरदार टोला, मवि रतनसार, उमवि झखाड़गढ़, मवि कटहरा खतवे टोला,उमवि भरथपुर, उमवि भवानीपुर, उमवि मधुबनी पूर्वोत्तर, मवि ग्वालपाड़ा, उमवि लक्ष्मी पुर पश्चिम, उमवि डहरिया पूर्व, उमवि जोड़ी पिपर, उमवि भट्टावारी, उमवि नियामतपट्टी, उमवि सोहटा उर्दू, उमवि कटहरा मकतव, उमवि कटहरा, उमवि सोहटा सरदार टोला, उकमवि हरिहर पुर,उमवि तमुआ हाट, मवि बलूआ बाजार, उमवि चैनपुर,मवि चरणै आदि विद्यालयों में अभी भी नियोजित शिक्षकों के पास विद्यालय का वित्तीय प्रभार है. कहते हैं अधिकारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी लल्लू पासवान ने बताया कि नियोजित शिक्षकों को पांच दिसंबर तक का समय दिया गया था.कुछ शिक्षकों ने विद्यालय में पदस्थापित नियमित शिक्षक को प्रभार दे भी दिया है. जिस विद्यालय के नियोजित शिक्षक वित्तीय प्रभार में है. निर्धारित तिथि तक प्रभार नहीं सौंपने पर उनके विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई को लेकर अनुशंसा की जायेगी.
कई वद्यिालयों में नियोजित शक्षिक हैं वत्तिीय प्रभार में
कई विद्यालयों में नियोजित शिक्षक हैं वित्तीय प्रभार में उच्च न्यायालय ने लगभग चार वर्ष नियोजित शिक्षकों को वित्तीय प्रभार से मुक्त करने का दिया है आदेशछातापुर उच्च न्यायालय ने लगभग चार वर्ष नियोजित शिक्षकों को वित्तीय प्रभार से मुक्त करने के लिए राज्य सरकार को आदेश दिया था. इसके बावजूद नियोजित शिक्षक वित्तीय प्रभार […]
