प्रावि हरिहरपट्टी में अव्यवस्था का आलम पांच शिक्षक हैं, पर बच्चे नहीं आते हैं स्कूल फोटो-01,02,03,कैप्सन- सूना पड़ा विद्यालय, नवनिर्मित भवन व विद्यालय में उपस्थित एक शिक्षक व शिक्षिका.प्रतिनिधि, पिपरा शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए सरकार भले ही लाख दावे और प्रयास करें. पर, विद्यालयों की शिक्षा में गुणात्मक सुधार की कोई गुंजाइश नजर नहीं आ रही है. प्रखंड क्षेत्र के हरिहर पट्टी प्राथमिक विद्यालय की स्थिति कमोवेश वैसी ही है. कहने को विद्यालय के पास दस वर्ग कक्ष हैं, जिसमें चार -चार कमरे को तेरह-तेरह लाख की लागत से बना भवन है. पर, विद्यालय में छात्रों की उपस्थिति नदारद रहती है. विद्यालय की उपस्थिति पंजी में भले ही छात्रों की संख्या दिखती हो, लेकिन हकीकत यही है कि विद्यालय का सभी कार्य कागजों पर संपादित किया जाता है. शिक्षक पांच, बच्चे नदारदविद्यालय में कुल छह शिक्षकों की पदस्थापना की गयी है. इनमें से एक शिक्षक की प्रतिनियुक्ति कही और कर दी गयी है. इसके कारण फिलहाल में पांच शिक्षक ही हैं. इन पर विद्यालय के लगभग एक सौ पचास बच्चों के शिक्षा की जिम्मेदारी है. पर, यहां बच्चे तो दूर शिक्षक भी यदा-कदा ही नजर आते हैं. इसके कारण यहां की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह बरबाद हो गयी है. राशि आवंटन के बाद भी पूर्ण नहीं हुआ नवनिर्मित भवनसर्वशिक्षा अभियान के तहत विद्यालय में भवनों की कोई कमी नहीं है. तेरह-तेरह लाख की लागत से बना भवन भी राशि आवंटन के बाद भी पूर्ण नहीं हो सका है. क्योंकि रंग-रोगन के साथ भवन के प्लास्टर, खिड़की व सीलिंग का कार्य पूर्ण नहीं किया गया है. जबकि विद्यालय के भवन निर्माण के पूर्ण होने की अवधि कब की समाप्त हो गयी है. कहते हैं अधिकारीप्रखंड शिक्षा पदाधिकारी मनोज कुमार वर्मा ने बताया कि विद्यालय की जांच कर उसकी रिपोर्ट जिला शिक्षा पदाधिकारी को सौंपी जायेगी.
प्रावि हरिहरपट्टी में अव्यवस्था का आलम
प्रावि हरिहरपट्टी में अव्यवस्था का आलम पांच शिक्षक हैं, पर बच्चे नहीं आते हैं स्कूल फोटो-01,02,03,कैप्सन- सूना पड़ा विद्यालय, नवनिर्मित भवन व विद्यालय में उपस्थित एक शिक्षक व शिक्षिका.प्रतिनिधि, पिपरा शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए सरकार भले ही लाख दावे और प्रयास करें. पर, विद्यालयों की शिक्षा में गुणात्मक सुधार की कोई गुंजाइश […]
