निर्मली : प्रखंड के मझारी स्थित बाढ़ आश्रय स्थल पर एनडीआरएफ टीम द्वारा सोमवार से तीन दिवसीय आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यशाला आरंभ किया गया है. कार्यशाला का उद्घाटन अंचलाधिकारी रवींद्र कुमार,एनडीआरएफ के कमांडेंट अभय सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. कार्यशाला को संबोधित करते हुए अंचलाधिकारी श्री कुमार ने कहा कि निर्मली प्रखंड का अधिकांश भाग कोसी की जद में है.
इस वजह से बाढ़ के दौरान लोगों को व्यापक रूप से क्षति का सामना करना पड़ता है. कहा कि इस प्रशिक्षण को प्राप्त कर क्षेत्र के युवा आपदा जैसी विपरीत परिस्थितियों में अहम भूमिका अदा कर सकते हैं . कहा कि भूकंप, बाढ़, अग्नि कांड आदि प्राकृतिक आपदा व विपदाओं के समय प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं का सहयोग समाज के लिये बहुत ही कल्याणकारी साबित होगा. प्राकृतिक आपदा कभी भी कह कर नहीं आती है और न ही इस पर कोई प्रतिबंध लगाया जा सकता है.
विपरीत परिस्थिति में आपदा से बचाव के लिये क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रशिक्षण प्राप्त कर लेने से कम से कम क्षति होगी. उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि जापान ऐसा देश है जहां सभी व्यक्ति आपदा से निबटने के लिये प्रशिक्षण प्राप्त करता है और आपदा की घड़ी में संघर्ष कर जान-माल की रक्षा करते हैं.
वहीं एनडीआरएफ के श्री सिंह व उनकी टीम ने क्षेत्र के युवाओं को आपदा प्रबंधन से संबंधित मुद्दे को विस्तार पूर्वक बताया. प्रशिक्षण देने वालों में शुभकांत विश्वास, सुधीर मिश्रा, लेखा राम, आदि शामिल थे. वहीं प्रशिक्षुओं में ओम चक्रवर्ती, राम अचल महतो, लाल बहादुर मुखिया, उमेश मुखिया, मधुसूदन सदाय, सबीना परवीण, पूनम कुमार सहित दर्जनों लोग उपस्थित थे.
