गरीब – मजलूम बालिकाओं को शिक्षित करने में जुटे हैं मौलाना मदनी फोटो- 11कैप्सन- विद्यालय परिसर में उपस्थित मदनी व अन्य. प्रतिनिधि, वीरपुरबसमतिया पंचायत निवासी मौलाना अमानुल्लाह मदनी बालिका शिक्षा को बढ़ावा देकर नारी सशक्तिकरण की दिशा में एक अद्भुत मिसाल पेश कर रहे हैं. मौलाना मदनी भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र के बसमतिया में स्थापित अलफैज मॉडल एकेडमी में अल्पसंख्यक गरीब बच्चों के साथ-साथ हिंदू बालिकाओं को भी शिक्षित करने का अलख जगा रहे हैं. उक्त विद्यालय में फिलवक्त 800 से अधिक बालिकाएं शिक्षा ग्रहण कर रही हैं. गरीब बच्चों के लिए स्थापित इस विद्यालय में सीबीएसइ पैटर्न पर पढ़ाई होती है. संस्थापक मौलाना मदनी का मानना है कि विशेष कर अल्पसंख्यक परिवार के बच्चे या तो मदरसे में शिक्षा ग्रहण करते हैं या फिर गरीबी की वजह से रोजी-रोटी को लेकर परदेस चले जाते हैं. ऐसे गरीब, मजलूम बच्चों को शिक्षित करना उनका सपना रहा है, ताकि गरीब परिवार के ये बच्चे भी जरूरी तालीम हासिल कर डाॅक्टर व इंजीनियर बन सकें. मौलाना मदनी की भविष्य में एक विश्वविद्यालय खोलने की भी ख्वाहिश है.साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाले मदनी सऊदी अरब के मक्का में पीजी की तालीम लेने के बाद मदीना के मसजिद में ही इमामत की नौकरी किये. पर, अपने देश के लिए उनका प्यार उन्हें यहां खींच लाया. भारत लौटने के बाद उन्होंने क्षेत्र में शिक्षा के प्रसार के लिए प्रयास आरंभ किया. सबसे पहले उन्होंने बच्चों की शिक्षा के मद्देनजर सीबीएसइ पैटर्न पर अलफैज मॉडल एकेडमी का शुभारंभ किया. मदनी के कार्यों की सराहना करते हुए मुजम्मील अंसारी, कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष मौलाना मंसुर आलम आदि ने शिक्षा के क्षेत्र में उनके कार्यों के लिए उन्हें मुबारकबाद दिया है.
गरीब - मजलूम बालिकाओं को शक्षिति करने में जुटे हैं मौलाना मदनी
गरीब – मजलूम बालिकाओं को शिक्षित करने में जुटे हैं मौलाना मदनी फोटो- 11कैप्सन- विद्यालय परिसर में उपस्थित मदनी व अन्य. प्रतिनिधि, वीरपुरबसमतिया पंचायत निवासी मौलाना अमानुल्लाह मदनी बालिका शिक्षा को बढ़ावा देकर नारी सशक्तिकरण की दिशा में एक अद्भुत मिसाल पेश कर रहे हैं. मौलाना मदनी भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र के बसमतिया में स्थापित अलफैज […]
