नदी से निकाली जा रही है करोड़ों रुपये मूल्य की लकडि़यां

फोटो-01कैप्सन- कोसी नदी से निकाली गयी लकडि़यांप्रतिनिधि, वीरपुरनेपाल प्रभाग स्थित ताप्लेजुंग में हुए भूस्खलन के बाद कोसी नदी की तेज धारा में करोड़ों रुपये मूल्य की लकडि़यां बह गयी. गुरुवार से ही नेपाल व भारतीय प्रभाग के लोगों द्वारा ये लकडि़यां निकाली जा रही हैं. नेपाल प्रभाग स्थित राजावास के समीप कोसी का बाहोत्थन तटबंध […]

फोटो-01कैप्सन- कोसी नदी से निकाली गयी लकडि़यांप्रतिनिधि, वीरपुरनेपाल प्रभाग स्थित ताप्लेजुंग में हुए भूस्खलन के बाद कोसी नदी की तेज धारा में करोड़ों रुपये मूल्य की लकडि़यां बह गयी. गुरुवार से ही नेपाल व भारतीय प्रभाग के लोगों द्वारा ये लकडि़यां निकाली जा रही हैं. नेपाल प्रभाग स्थित राजावास के समीप कोसी का बाहोत्थन तटबंध के काफी नजदीक से हो रहा है. यहां से नदी की धारा में दिशा परिवर्तन होता है. लिहाजा प्राकृतिक तौर पर नदी के इस हिस्से में लकडि़यों के मोटे सील तटबंध के किनारे आ जाते हैं और इसे बाहर निकालने में लोगों को सबसे अधिक आसानी होती है. नदी से लकड़ी छांकने का सिलसिला भंटाबाड़ी, बराज, रानीगंज, रतनपुर, सिमरी आदि क्षेत्रों में भी जारी है. कुसहा तटबंध के समीप पश्चिम कुसहा गांव निवासी प्रेमा विष्ट ने बताया कि कोसी की धारा में इस वर्ष काफी मात्रा में मूल्यवान लकडि़यां बरामद हुई हैं, जो अन्य वर्षों की तुलना में अधिक है. ग्रामीणों ने बताया कि शनिवार के देर शाम करीब छह शव नदी की जल धारा में दिखे. मालूम हो कि ताप्लेजुंग में हुए भूस्खलन में 40 से अधिक लोगों के मौत हुई थी. इनमें ज्यादातर मृतकों की पहचान नहीं हुई है.

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