वीरपुर.भूमि सुधार उप समाहर्ता रंजन चौधरी के आचरण से आक्रोशित अधिवक्ताओं ने विधिज्ञ संघ के तत्वावधान में डीसीएलआर कोर्ट का बहिष्कार कर दिया. अधिवक्ताओं के विरोध के बाद शनिवार को पूरे दिन डीसीएलआर कार्यालय से नदारद रहे. एक तरफ जहां अधिवक्ता डीसीएलआर के ऊपर भ्रष्टाचार का आरोप लगा रहे हैं. वहीं डीसीएलआर श्री रंजन ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार बताया है. विधिज्ञ संघ के अध्यक्ष बैद्यनाथ लाल ने कहा कि डीसीएलआर के कार्यकाल में गरीबों को न्याय मिलना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है. डीसीएलआर द्वारा जमीन संबंधी किसी भी मामले में परदे के पीछे दलालों के माध्यम से सांठ-गांठ कर ली जाती है और उसके अनुरूप ही निर्णय सुनाये जाते हैं. यही कारण है कि अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी के न्यायालय में डीसीएलआर श्री रंजन के विरुद्ध मामले संज्ञान में लेने के लिए विचाराधीन हैं. संघ के सचिव मिथिलेश कुशवाहा ने बताया कि आम सहमति से डीसीएलआर के अनिश्चितकालीन बहिष्कार का निर्णय लिया गया है. अधिवक्ताओं ने बताया कि डीसीएलआर द्वारा लेन-देन के इस खेल में दलाल सहित कुछ नकाबपोश अधिवक्ता भी शामिल हैं. विरोध करने वालों में जीवानंद मिश्र, श्यामानंद मिश्र, वेद प्रकाश पांडेय, भोला प्रसाद जायसवाल, कौशलेंद्र कंठ, किशन यादव, अरुण कुमार महतो, मृत्युंजय सिंह, ललन प्रसाद सिंह, सुरेंद्र कंठ, रमेश कुमार, राज नारायण देव, लक्ष्मी राज, प्रताप अरुण कुमार, राजेश सिंह थे.
डीसीएलआर के खिलाफ अधिवक्ताओं ने खोला मोरचा
वीरपुर.भूमि सुधार उप समाहर्ता रंजन चौधरी के आचरण से आक्रोशित अधिवक्ताओं ने विधिज्ञ संघ के तत्वावधान में डीसीएलआर कोर्ट का बहिष्कार कर दिया. अधिवक्ताओं के विरोध के बाद शनिवार को पूरे दिन डीसीएलआर कार्यालय से नदारद रहे. एक तरफ जहां अधिवक्ता डीसीएलआर के ऊपर भ्रष्टाचार का आरोप लगा रहे हैं. वहीं डीसीएलआर श्री रंजन ने […]
