सुपौल : एक तरफ स्वच्छ व स्वस्थ भारत का सपना तो दूसरी ओर नप क्षेत्र में नदारद सुलभ शौचालय. जिला मुख्यालय की यह हकीकत बढ़ते बाजारीकरण के बीच अब लोगों के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा है. नगर परिषद द्वारा बाजार क्षेत्र में कचरा प्रबंधन के लिए जगह-जगह कुड़ेदान लगाये जा रहे हैं, लेकिन कहीं भी सुलभ शौचालय की व्यवस्था नहीं की गयी है. आलम है कि मजबूरी वश लोग किसी भी खाली स्थान को शौचालय में बदलने से गुरेज नहीं करते.
यूरीनल की व्यवस्था नदारद : स्थानीय महावीर चौक को छोड़ पूरे बाजार क्षेत्र में कहीं भी यूरीनल की व्यवस्था नहीं की गयी है. हजारों की लगत से बना बाजार क्षेत्र का एक मात्र शौचालय भी विभागीय उदासीनता की मार ङोल रहा है. न तो इसकी साफ-सफाई पर और न हीं इसके रखरखाव पर विभाग गंभीर नजर आती है. पांच यूरीनल प्लेट में से तीन ध्वस्त हो चुके हैं.
