अतिक्रमण हटाने के नाम पर हुई खानापूर्ति

प्रतिनिधि, सुपौलकिसनपुर प्रखंड के श्रीपुर सुखासन गांव में पथ निर्माण विभाग की अतिक्रमित जमीन को खाली करने की कवायद सोमवार को खानापूर्ति बन कर रह गयी. इसके लिए अंचलाधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार झा को अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा दंडाधिकारी नियुक्त किया गया था. अतिक्रमण के विरुद्ध अभियान के पर्याप्त पुलिस बल भी उपलब्ध कराये गये थे, लेकिन […]

प्रतिनिधि, सुपौलकिसनपुर प्रखंड के श्रीपुर सुखासन गांव में पथ निर्माण विभाग की अतिक्रमित जमीन को खाली करने की कवायद सोमवार को खानापूर्ति बन कर रह गयी. इसके लिए अंचलाधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार झा को अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा दंडाधिकारी नियुक्त किया गया था. अतिक्रमण के विरुद्ध अभियान के पर्याप्त पुलिस बल भी उपलब्ध कराये गये थे, लेकिन पूरे अतिक्रमण को नहीं समाप्त कराया गया. दंडाधिकारी द्वारा जिस तरह आनन -फानन में अभियान को समाप्त कर दिया गया उससे लगता है कि मंशा अतिक्रमण समाप्त कराना नहीं उसे बनाये रखना था.गौरतलब है कि सदर एसडीओ ने आठ दिसंबर को सीओ को पत्र लिख कर स्पष्ट रूप से कहा था कि मौजा सुखासन के खेसरा 9013 के अंश रकवा 0.04 डिसमिल में जगदीश पासवान का अवैध कब्जा है. श्री पासवान ने मुरली- श्रीपुर पथ के आठ किलोमीटर में पथ निर्माण विभाग की जमीन को अनधिकृत रूप से कब्जा कर रखा है. इस अभियान के अजीबोगरीब प्रक्रिया पर तरह-तरह की चर्चाएं व्याप्त है. जाहिर है सरकारी नुमाइंदे ही सरकारी जमीन बचाने को इच्छुक नहीं हैं. जमीन की जितनी पैमाइश हुई थी, अतिक्रमण हटाया गया. शेष बचे अतिक्रमण को भी शीघ्र समाप्त कराया जायेगा. विमल कुमार मंडल, एसडीएम, सुपौल

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