चार हजार की आवादी के लिए चचरी है लाइफ लाइन

फोटो-4केप्सन- चचरी पुल पर आवागमन करते लोग जदिया. थाना क्षेत्र के कोरियापट्टी पश्चिम पंचायत के अधिकांश ग्रामीण सुरसर नदी पर बांस के चचरी का पुल बना कर आवागमन को विवश हैं. सरकारी स्तर पर पुल निर्माण नहीं होने पर ग्रामीणों ने चंदा इकट्ठा कर चचरी पुल का निर्माण किया है. एक बड़ी आबादी के लिए […]

फोटो-4केप्सन- चचरी पुल पर आवागमन करते लोग जदिया. थाना क्षेत्र के कोरियापट्टी पश्चिम पंचायत के अधिकांश ग्रामीण सुरसर नदी पर बांस के चचरी का पुल बना कर आवागमन को विवश हैं. सरकारी स्तर पर पुल निर्माण नहीं होने पर ग्रामीणों ने चंदा इकट्ठा कर चचरी पुल का निर्माण किया है. एक बड़ी आबादी के लिए यह अब लाइफ लाइन साबित हो रहा है. अगर यह आबादी सरकारी पुल के भरोसे रहती तो न केवल इनकी रोज मर्रे की जिंदगी प्रभावित होती बल्कि दो वक्त की रोटी पर भी ग्रहण लग जाता. दरअसल यहां के अधिकतर लोग मजदूरी या खेती कर अपना जीवन यापन करते है. आजादी के 67 साल बीत जाने के बाद भी यह गांव सड़क, बिजली, स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं से कोसो दूर है. बरसात के दिनों में लोगों की परेशानी और बढ़ जाती है. क्योंकि उस समय नाव ही आवागमन का एक मात्र सहारा होता है. इस समस्या से निजात दिलाने के लिए ग्रामीणों ने जन प्रतिनिधियों से गुहार लगायी, लेकिन नतीजा सिफर ही रहा. आपातकालीन स्थिति में मरीजों को गांव से बाहर निकलने के लिए खटिया का सहारा लेना पड़ता है तो शादी के समय दूल्हा-दुल्हन को पैदल चचरी पुल पार करना होता है. इस क्षेत्र में सड़क सुविधा आज भी कल्पना हीं है. इस प्रकार लगभग चार हजार आबादी मूल भूत सुविधाओं से दूर अच्छे दिन आने का इंतजार कर रही है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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