13 वर्षीय बालक की संदिग्ध स्थिति में मौत, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप

सबूत मिटाने के लिए बाहरी लोगों ने शव को जलाया

-सबूत मिटाने के लिए बाहरी लोगों ने शव को जलाया -मृतक के गले में लटकी थी रस्सी, शरीर पर था जख्म का निशान -मृतक की मां की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज, जांच में जुटी पुलिस त्रिवेणीगंज. थाना क्षेत्र अंतर्गत हरिहरपट्टी पंचायत के वार्ड नंबर 07 में मंगलवार को 13 वर्षीय बालक विकास की संदिग्ध स्थिति में मौत हो गयी. घटना के बाद सबूत मिटाने की नीयत से समाज के कुछ लोगों और जनप्रतिनिधियों ने आनन-फानन में शव को जला दिया. मृतक की मां मंजू देवी के आवेदन पर त्रिवेणीगंज थाना में कांड संख्या 457/25 दर्ज कर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. हालांकि अब तक न तो किसी की गिरफ्तारी हो सकी है और न ही हत्या के कारणों का खुलासा हो पाया है. क्या है मामला मंजू देवी ने प्राथमिकी में बताया है कि सोमवार रात करीब 10 बजे उनका बेटा विकास पड़ोस के ही सौरभ कुमार और गौरव कुमार के साथ घर के बाहर सड़क पर था. विकास ने मां से कहा था कि वह कुछ देर में लौट आएगा. लेकिन मंगलवार जब मंजू देवी घर के आंगन में बने कमरे में गयी, तो उन्होंने देखा कि उनका बेटा मृत अवस्था में पड़ा है. उसके गले में पटुआ की रस्सी लिपटी थी, शरीर पर गहरे जख्म और ललाट पर सूजन के निशान थे. चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण इकट्ठा हो गए. आरोप है कि थोड़ी देर बाद कुछ लोग पहुंचे और शव को परिजनों की जमीन पर बांस की झाड़ियों के बीच यूरिया और लकड़ी डालकर जला दिया. मृतक की मां ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे की हत्या पड़ोस के सौरभ कुमार, गौरव कुमार और इनके पिता संतोष मंडल ने की और स्थानीय नेताओं के सहयोग से साक्ष्य मिटाने की साजिश रची गई. मां को किया बंद, शव को जला डाला सोमवार रात अचानक घर से लापता हुआ विकास मंगलवार सुबह मृत मिला. मां मंजू देवी ने बेटे का शव घर के आंगन में बने जर्जर फूस घर से बरामद किया. शव के गले में रस्सी और गहरे जख्म के निशान थे, लेकिन इसी बीच गांव के दबंग और पंचायत प्रतिनिधि मौके पर पहुंचे और परिजनों पर दबाव बनाने लगे. मृतक की मां को एक कमरे में बंद कर दिया गया और दबंगई दिखाते हुए शव को बांस की झाड़ियों में ले जाकर यूरिया और जलावन डालकर जला दिया गया. नाबालिग बहन से दिलाई मुखाग्नि परिजनों का आरोप है कि समाज के दबाव में पुलिस को सूचना तक नहीं देने दी गई. मृतक की बहन आरती कुमारी ने बताया कि छोटे भाई की नाबालिग बहन अनुष्का से जबरन मुखाग्नि दिलाई गई. विकास परिवार का इकलौता बेटा था. उसके पिता पंजाब में मजदूरी करते हैं और दिव्यांग हैं, जबकि मां मजदूरी कर घर चलाती थी. मासूम बेटे की दर्दनाक मौत से पूरा परिवार बेसहारा हो गया है. रोते हुए मां मंजू देवी ने कहा “मेरे लाल को मार दिया, दबंगों ने हमें न्याय से भी वंचित कर दिया. घटना की जानकारी थानाध्यक्ष रामसेवक रावत को मिलने के बाद दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की. हालांकि शव जला दिए जाने के कारण पोस्टमार्टम संभव नहीं हो सका. पुलिस की कार्रवाई घटना की सूचना मिलते ही एसडीपीओ विभाष कुमार बुधवार को दल-बल के साथ घटनास्थल पहुंचे और परिजनों से पूछताछ की. उन्होंने बताया कि मृतक की मां की शिकायत पर मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया गया है. अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन पुलिस साक्ष्य जुटाकर दोषियों को गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही है. हत्या के कारणों का भी अब तक खुलासा नहीं हो पाया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >