सुपौल : मुजफ्फरपुर के बाद जिले में चमकी बुखार पांव पसारना शुरू कर दिया है. शुक्रवार को त्रिवेणीगंज रेफरल अस्पताल से रेफर 04 वर्षीय लक्ष्मी कुमारी तेज बुखार से कराह रही थी. एक निश्चित अंतराल पर उसका पूरा शरीर चमक रहा था. सदर अस्पताल में ऑन ड्यूटी डॉक्टर गोपाल झा ने बच्ची का प्राथमिक इलाज कर बेहतर इलाज के लिये दरभंगा रेफर कर दिया.
सुपौल में मिला चमकी बुखार का मरीज
सुपौल : मुजफ्फरपुर के बाद जिले में चमकी बुखार पांव पसारना शुरू कर दिया है. शुक्रवार को त्रिवेणीगंज रेफरल अस्पताल से रेफर 04 वर्षीय लक्ष्मी कुमारी तेज बुखार से कराह रही थी. एक निश्चित अंतराल पर उसका पूरा शरीर चमक रहा था. सदर अस्पताल में ऑन ड्यूटी डॉक्टर गोपाल झा ने बच्ची का प्राथमिक इलाज […]

उन्होंने बताया कि वह शिशु रोग विशेषज्ञ नहीं हैं. लेकिन बच्ची का प्राथमिक इलाज किया गया है. सदर अस्पताल में आईसीयू की व्यवस्था नहीं रहने के कारण बच्ची को रेफर कर दिया गया.
बच्ची के साथ आयी राजेश्वरी गांव स्थित वार्ड नंबर 06 निवासी अनिता देवी ने बताया कि तीन बजे उसकी पोती को एकाएक तेज बुखार आया और वह चमकने लगी. इसके बाद उसे कोरियापट्टी में एक निजी चिकित्सक से दिखाया. जहां से उसे त्रिवेणीगंज रेफरल अस्पताल में भर्ती कराया. रेफरल अस्पताल से भी डॉक्टर ने बच्ची को सदर अस्पताल रेफर कर दिया. लेकिन यहां भी डॉक्टर ने उसकी पोती को दरभंगा रेफर कर दिया.
त्रिवेणीगंज क्षेत्र में चमकी बुखार के मिले कई मामले
त्रिवेणीगंज. चमकी बुखार की धमक अब इस क्षेत्र में भी बढ़ने लगी है. इस बाबत अनुमंडलीय अस्पताल में पदस्थापित चिकित्सक डॉ प्रकाश कुमार ने बताया कि मानगंज गांव के चमकी बुखार से पीड़ित 03 साल के एक बच्चे को गुरुवार की रात्रि अनुमंडलीय अस्पताल लाया गया था. वहीं बुधवार को कुसहा गांव से चमकी बुखार से पीड़ित 03 साल के बच्चे को भी अस्पताल लाया गया. जहां से पीड़ित बच्चों को सदर अस्पताल सुपौल भेज दिया गया.
वहीं शुक्रवार को छातापुर थाना अंतर्गत राजेश्वरी गांव निवासी प्रकाश यादव की 04 वर्षीय पुत्री लक्ष्मी कुमारी को चमकी बुखार की शिकायत पर परिजनों द्वारा अनुमंडलीय अस्पताल लाया गया. जहां ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ सुमन कुमारी के द्वारा बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया.