सुपौल : बिहार सरकार द्वारा अधिसूचित ग्रामीण विकास पदाधिकारी अब अपने मूल पद के अनुरूप ही पदनाम अंकित करेंगे. प्रखंड विकास पदाधिकारी के पदनाम से उन्हें कार्य करने की अनुमति नहीं होगी. उप विकास आयुक्त मुकेश कुमार सिन्हा ने इस बाबत जिले के सभी ग्रामीण विकास पदाधिकारी सह प्रभारी प्रखंड विकास पदाधिकारी को पत्र जारी किया है.
उप विकास आयुक्त ने दिया आदेश आरडीओ अब नहीं लिखेंगे बीडीओ
सुपौल : बिहार सरकार द्वारा अधिसूचित ग्रामीण विकास पदाधिकारी अब अपने मूल पद के अनुरूप ही पदनाम अंकित करेंगे. प्रखंड विकास पदाधिकारी के पदनाम से उन्हें कार्य करने की अनुमति नहीं होगी. उप विकास आयुक्त मुकेश कुमार सिन्हा ने इस बाबत जिले के सभी ग्रामीण विकास पदाधिकारी सह प्रभारी प्रखंड विकास पदाधिकारी को पत्र जारी […]

इस बाबत उप विकास आयुक्त ने सभी ग्रामीण विकास पदाधिकारी सह प्रभारी प्रखंड विकास पदाधिकारी को जारी पत्रांक संख्या 911 में निर्देश दिया है कि उनके द्वारा नेम प्लेट में विभागीय अधिसूचित पद के अनुरूप पदनाम अंकित किया जाता है कि नहीं, इस संबंध में अनुपालन प्रतिवेदन तीन दिनों के अंदर उप विकास आयुक्त को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे.
क्या है मामला
गौरतलब है कि आरटीआई कार्यकर्ता वार्ड नंबर 02 निवासी अनिल कुमार सिंह ने इस बाबत जिला लोक शिकायत निवारण कार्यालय में परिवाद दायर किया है. उन्होंने शिकायत की है कि ग्रामीण विकास विभाग बिहार सरकार द्वारा अधिसूचित ग्रामीण विकास पदाधिकारी द्वारा अपने मूल पद को विलोपित कर दिगभ्रमित करने एवं धोखा में रखने के उद्देश्य से गलत नेम प्लेट व पदनाम का इस्तेमाल किया जाता है. इस संबंध में जिला लोक शिकायत निवारण कार्यालय में परिवाद अनन्य संख्या 40611011051901393 दायर किया गया है.
उप विकास आयुक्त ने सभी ग्रामीण विकास पदाधिकारी सह प्रभारी प्रखंड विकास पदाधिकारी को पत्र जारी करते हुए आवश्यक निर्देश दिया है. उन्होंने आदेश का अनुपालन प्रतिवेदन तीन दिनों के अंदर उपलब्ध कराने का भी आदेश दिया है. ताकि जिला लोक शिकायत निवारण कार्यालय को संबंधित प्रतिवेदन उपलब्ध कराया जा सके.