लोकसभा चुनाव के बाद पार्टी कार्यकर्ता व जिला प्रशासन ने ली राहत की सांस

सुपौल : लोकसभा चुनाव संपन्न के बाद प्रत्याशी सहित जिला प्रशासन के अधिकारी व कर्मियों ने राहत की सांस लिया है. चुनाव लेकर नामजदगी के पर्चा दाखिल करने के पूर्व से ही जिला प्रशासन शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने के लिए दिन रात कार्य में जुटे हुए थे. वहीं लोकसभा चुनाव के प्रत्याशी अपने-अपने कार्यकर्ता के […]

सुपौल : लोकसभा चुनाव संपन्न के बाद प्रत्याशी सहित जिला प्रशासन के अधिकारी व कर्मियों ने राहत की सांस लिया है. चुनाव लेकर नामजदगी के पर्चा दाखिल करने के पूर्व से ही जिला प्रशासन शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने के लिए दिन रात कार्य में जुटे हुए थे. वहीं लोकसभा चुनाव के प्रत्याशी अपने-अपने कार्यकर्ता के साथ क्षेत्र में पसीना बहा रहे थे.

मंगलवार को चुनाव संपन्न के बाद बुधवार को खासकर महागठबंधन चुनाव कार्यालय व एनडीए चुनाव कार्यालय का प्रभात खबर द्वारा जायजा लिया गया. दोनों कार्यालय में सन्नाटा पसरा हुआ था. वहीं कार्यालय के अंदर कुछ लोग धूप से बचने के लिए आराम फरमा रहे थे. चुनाव संपन्न के बाद विभिन्न दलों के कार्यकर्ता जीत हार के गुणा भाग में जुट गये हैं.
पार्टी कार्यकर्ता चाय-पान की दुकान से लेकर अपने दरवाजे पर विभिन्न बूथों पर तैनात रहे पार्टी एजेंट से बूथों पर दिनभर का क्या रहा हलचल की जानकारी ले रहे हैं. किस बूथ पर कितना प्रतिशत मतदान हुआ और उनके पक्ष में कितने मतदान की संभावना है. इसका समीकरण तैयार किया जा रहा है.
बताया जा रहा है कि मतदान के बाद महागठबंधन उम्मीदवार रंजीत रंजन एवं एनडीए उम्मीदवार दिलेश्वर कामैत में कांटे की टक्कर है. वहीं दोनों प्रत्याशी के समर्थक कार्यकर्ता मतदान के बाद चुनावी समीकरण तैयार को अपने-अपने प्रत्याशी के जीत का दावा ठोक रहे हैं. जिसका पटाक्षेप 23 मई 2019 को होने वाले मतगणना के बाद ही हो सकेगा.
हत्या मामले में एक को आजीवन कारावास, 10 हजार का अर्थदंड भी
सुपौल : अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश आलोक राज प्रथम के न्यायालय ने हत्या मामले में मो मुस्तकीम को दोषी करार देते आजीवन कारावास की सजा सुनाई है.
न्यायालय ने त्रिवेणीगंज कांड संख्या 262/14 की सुनवाई के बाद आरोपी को धारा 302, 307 एवं 27 आर्म्स एक्ट के तहत दोषी पाया. जिसके बाद धारा 302 के तहत आजीवन कारावास, 10 हजार रुपये अथदंड एवं धारा 307 के तहत 10 वर्ष की सजा 05 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई.
वहीं 27 आर्म्स एक्ट के तहत तीन वर्ष की सजा व दो हजार अर्थदंड लगाया गया है. अर्थदंड नहीं जमा करने की स्थिति में दोषी को छह माह अतिरिक्त कारावास की सजा सुनायी गयी है. सभी सजा साथ-साथ चलेगी. जानकारी अनुसार करीब पांच वर्ष पूर्व त्रिवेणीगंज थाना क्षेत्र के बभनगामा निवासी स्व मो जैनुल का पुत्र मो मुस्तकीम ने नीलाबंर झा की गोली मार कर हत्या की थी.

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