नामांकन प्रारंभ होने में मात्र दो दिन शेष बचे यूपीए ने अब तक नहीं की प्रत्याशी की घोषणा

अमरेंद्र, सुपौल : लोकसभा चुनाव की एक बार फिर से रणभेरी बज चुकी है. भारत निर्वाचन आयोग द्वारा लोकसभा निर्वाचन 2019 की जारी अधिसूचना के मुताबिक सुपौल लोकसभा क्षेत्र में तृतीय चरण के तहत 23 अप्रैल को मतदान होगा. 28 मार्च से इस क्षेत्र में नामांकन का कार्य प्रारंभ हो जायेगा. जो 04 अप्रैल तक […]

अमरेंद्र, सुपौल : लोकसभा चुनाव की एक बार फिर से रणभेरी बज चुकी है. भारत निर्वाचन आयोग द्वारा लोकसभा निर्वाचन 2019 की जारी अधिसूचना के मुताबिक सुपौल लोकसभा क्षेत्र में तृतीय चरण के तहत 23 अप्रैल को मतदान होगा. 28 मार्च से इस क्षेत्र में नामांकन का कार्य प्रारंभ हो जायेगा.

जो 04 अप्रैल तक चलेगा. जाहिर तौर पर चुनाव की घोषणा होते ही क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गयी है. जात से लेकर जमात की आंकड़ेबाजी शुरू हो चुकी है. नामांकन प्रारंभ होने में अब मात्र 02 दिन शेष बचे हैं. अब तक मात्र एनडीए की ओर से प्रत्याशी की घोषणा की गयी है. एनडीए के घटक दल जदयू के दिलेश्वर कामैत को उम्मीदवार बनाया गया है.

पिपरा विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुके पूर्व विधायक श्री कामैत वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में भी जदयू के प्रत्याशी थे. हालांकि कांग्रेस की रंजीत रंजन ने उन्हें 59 हजार 672 मतों से पराजित किया था. तब भाजपा के प्रत्याशी कामेश्वर चौपाल तीसरे नंबर पर रहे थे. जानकारी अनुसार एनडीए प्रत्याशी श्री कामैत 29 मार्च को अपना नामांकन दाखिल करेंगे.

महागठबंधन ने अब तक नहीं खोले अपने पत्ते : इस चुनाव में कांग्रेस व महागठबंधन के अलावा अन्य किसी दल द्वारा अब तक प्रत्याशी के नाम की घोषणा नहीं की गयी है. जाहिर तौर पर प्रत्याशी के नाम को लेकर अटकलबाजी का दौर जारी है. महागठबंधन ने सुपौल लोकसभा सीट को लेकर घटक दल की घोषणा भी नहीं की है.
नतीजा है कि लोगों द्वारा कांग्रेस के अलावा राजद व भीआईपी पार्टी के प्रत्याशी बनाये जाने के भी कयास लगाये जा रहे हैं. हालांकि कांग्रेस की रंजीत रंजन फिलवक्त यहां की सीटिंग सांसद है. उन्होंने वर्ष 2004 में भी इस क्षेत्र से विजयी हासिल किया था. अधिकांश लोगों का मानना है कि इस बार भी श्री मती रंजन को ही यहां से महागठबंधन का उम्मीदवार बनाया जायेगा. बहरहाल अटकलबाजियों का दौर जारी है.
प्रमुख दलों द्वारा प्रत्याशियों के नाम की घोषणा के बाद ही इस पर विराम लग पायेगा.
2009 में वजूद में आया सुपौल लोकसभा क्षेत्र : निर्वाचन आयोग द्वारा नये परिसीमन के बाद वर्ष 2009 में सुपौल लोकसभा क्षेत्र वजूद में आया. इससे पूर्व सहरसा जिला भी सुपौल लोकसभा क्षेत्र में शामिल था. जो नये परिसीमन के बाद मधेपुरा लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा बन गया. नये परिसीमन के बाद जदयू के विश्वमोहन कुमार ने वर्ष 2009 के चुनाव में कांग्रेस की रंजीत रंजन को पराजित किया था.
जबकि वर्ष 2014 के चुनाव में रंजीत रंजन यहां से विजयी रही थी. सुपौल लोकसभा क्षेत्र के कुल 06 विधान सभा क्षेत्रों में सुपौल, पिपरा, निर्मली, त्रिवेणीगंज, छातापुर एवं मधेपुरा जिला का सिंहेश्वर विधानसभा क्षेत्र शामिल है. क्षेत्र में कुल मतदाताओं की संख्या 16 लाख 87 हजार 165 है. जिसमें 08 लाख 78 हजार 196 पुरुष एवं 08 लाख 08 हजार 938 महिला मतदाता शामिल हैं. जबकि थर्ड जेंडर के मतदाताओं की संख्या 31 है.
वर्ष 2014 चुनाव के परिणाम
प्रत्याशी का नाम दल प्राप्त मत
रंजीत रंजन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस 332927
दिलेश्वर कामैत जनता दल यूनाइटेड 273255
कामेश्वर चौपाल भारतीय जनता पार्टी 249693
अमन कुमार समाजसेवी बहुजन समाज पार्टी 21233
सुरेश कुमार आजाद जय हिंद पार्टी 14754
जय नारायण यादव सीपीआई एमएल 11566
रामदेव शर्मा निर्दलीय 10687
परमेश्वर झा आम आदमी पार्टी 9604
विनोद कुमार साहू निर्दलीय 8908
सकलदेव मंडल समाजवादी जनता पार्टी 5964
मो अमानुल्लाह मुस्लिम लीग 5116
देव नारायण यादव बहुजन मुक्ति पार्टी 4825
नोटा 21996

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