102 एंबुलेंस कर्मी हड़ताल पर, श्रम कानून उल्लंघन का आरोप

स्वास्थ्य व्यवस्था पर प्रतिकूल असर को देखते हुए स्थानीय लोगों ने भी सरकार से त्वरित समाधान निकालने की मांग की है

सुपौल. जिले समेत पूरे बिहार में 102 एंबुलेंस सेवा शनिवार को पूरी तरह ठप रहा. जिले के सभी 102 एंबुलेंस कर्मी ने शनिवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं. एंबुलेंस कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष किशोर देव ने कहा कि राज्य स्वास्थ्य समिति, शेखपुरा, पटना एवं चिकित्सा हेल्थ केयर लिमिटेड, मुंबई (जैन प्लस प्राइवेट लिमिटेड) के बीच हुए एकरारनामा के बावजूद श्रम अधिनियम में वर्णित नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है. बिहार में 102 एंबुलेंस सेवा संचालन का कार्य 01 नवंबर 2024 से जैन प्लस कंपनी को सौंपा गया है. कहा कि वे संस्था के हर नियम का पूरी ईमानदारी से पालन करते आ रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें न तो समय पर वेतन मिल रहा है और न ही श्रम कानून के अनुरूप अन्य सुविधाएं दी जा रही हैं. एंबुलेंस कर्मियों ने अपनी कई महत्वपूर्ण मांगों को सामने रखा है. इनमें प्रमुख है श्रम अधिनियम कानून के तहत वेतन और अन्य सुविधा सुनिश्चित की जाए तथा अतिरिक्त कार्य का अतिरिक्त भुगतान दिया जाए. प्रत्येक माह निश्चित समय पर वेतन का भुगतान हो और वेतन पर्ची अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए. एंबुलेंस गाड़ी खराब होने पर समय से मरम्मत करवाई जाए तथा खराब अवधि में कर्मचारियों का वेतन न काटा जाए. कर्मियों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो वे तब तक हड़ताल जारी रखेंगे जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता. कहा कि यदि मरीजों को आपातकालीन सेवाओं में दिक्कत आती है तो इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी जैन प्लस प्राइवेट लिमिटेड की होगी. धरना-प्रदर्शन पर मौजूद एंबुलेंस चालकों और अन्य स्टाफ ने कहा कि बार-बार अपनी समस्याएं उठाने के बावजूद कोई समाधान नहीं निकाला गया. ऐसे में मजबूर होकर उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है. कर्मियों ने राज्य स्वास्थ्य समिति और जिला प्रशासन से हस्तक्षेप कर एजेंसी को श्रम कानून के अनुसार कार्य करने और उनकी सभी मांगें पूरी कराने की अपील की है. इस मौके पर संघ के राजेश रंजन, अनिल कुमार, अनिकेत सिंह, प्रदीप झा, राजीव कुमार, बंटी राउत, अरूण कुमार, संतोष कुमार, रविन्द्र कुमार आदि मौजूद थे. इधर, हड़ताल की सूचना मिलते ही आम लोगों में चिंता बढ़ गई है. जिले में मरीजों को अस्पताल लाने-ले जाने की सेवा प्रभावित होने की आशंका है. ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए यह स्थिति और भी गंभीर हो सकती है. स्वास्थ्य व्यवस्था पर प्रतिकूल असर को देखते हुए स्थानीय लोगों ने भी सरकार से त्वरित समाधान निकालने की मांग की है. कहते है अधिकारी जिला योजना समन्वयक सह डीपीएम बालकृष्ण चौधरी ने बताया कि जिले के सभी एंबुलेंस कर्मी हड़ताल पर हैं. कहा कि जिले के सभी अस्पताल प्रबंधक एवं स्वास्थ्य प्रबंधक को निजी एंबुलेंस से संपर्क करने को कहा गया है. जबतक एंबुलेंस कर्मी हड़ताल से वापस नही आ जाते हैं तबतक निजी एंबुलेंस का उपयोग किया जायेगा. कहा कि निजी एंबुलेंस को रोगी कल्याण समिति के फंड से पैसा दिया जायेगा.

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