IAS Kundan Kumar Success Story: बिहार में सरकारी स्कूलों की पढ़ाई को बेहतर बनाने के लिए शुरू किया गया ‘पूर्णिया लाइव क्लासेस’ मॉडल अब पूरे राज्य में लागू होने जा रहा है.
इस पहल की शुरुआत वर्ष 2024 में तत्कालीन पूर्णिया डीएम IAS कुंदन कुमार ने की थी. इसका मकसद था कि सरकारी स्कूलों के बच्चों तक भी अच्छे शिक्षकों की पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी आसानी से पहुंच सके.
इस मॉडल की सफलता को देखते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इसे पूरे बिहार में लागू करने का निर्देश दिया है. अब इसे ‘बिहार लाइव क्लासेस’ के नाम से आगे बढ़ाया जाएगा.
मुंबई की नौकरी छोड़ चुनी सिविल सेवा की राह
IAS कुंदन कुमार का सफर युवाओं के लिए प्रेरणा है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक इंजीनियर के रूप में की थी. मुंबई की एक प्रतिष्ठित कंपनी में करीब पांच साल तक नौकरी की. इसके बाद उन्होंने नौकरी छोड़कर UPSC की तैयारी शुरू कर दी.
पहले बने IPS, फिर दोबारा परीक्षा देकर बने IAS
कुंदन कुमार ने पहली बार 2009 में UPSC परीक्षा पास की. तब उनका चयन IPS के रूप में हुआ. लेकिन उनका सपना IAS बनने का था. इसलिए उन्होंने हार नहीं मानी और दोबारा परीक्षा दी. 2012 में उन्होंने IAS बनकर अपना लक्ष्य हासिल कर लिया. इसके बाद उन्होंने बिहार के कई जिलों में प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभालीं और कई नए प्रयोग किए.
दो बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर चुके हैं सम्मानित
बेहतरीन प्रशासनिक कार्यों और नवाचारों के लिए IAS कुंदन कुमार को दो बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों सम्मान मिल चुका है. उन्हें यह सम्मान डिजिटल शिक्षा और कृषि क्षेत्र में किए गए नवाचारों के लिए मिला था. उनके काम की चर्चा राष्ट्रीय स्तर पर भी हुई.
क्या है 'पूर्णिया लाइव क्लासेस' मॉडल?
2024 में पूर्णिया के डीएम रहते हुए कुंदन कुमार ने 'पूर्णिया लाइव क्लासेस' की शुरुआत की. इस प्लेटफॉर्म के जरिए सरकारी स्कूलों के छात्रों को लाइव क्लास, रिकॉर्डेड लेक्चर, डाउट क्लियरिंग सेशन और साप्ताहिक टेस्ट की सुविधा दी जाती है.
बाद में इसमें NEET और IIT-JEE की तैयारी भी शामिल कर दी गई. इससे दूर-दराज के छात्रों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलने लगी.
मुख्यमंत्री ने देखा लाइव डेमो
वर्तमान में पटना के डीएम के रूप में कार्यरत IAS कुंदन कुमार ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी को इस मॉडल का लाइव डेमो दिखाया. पूर्णिया के जिला स्कूल से लाइव क्लास संचालित की गई. इसमें पूर्णिया के वर्तमान डीएम अंशुल कुमार भी मौजूद रहे.
डेमो देखने के बाद मुख्यमंत्री ने इस पहल की सराहना की और अधिकारियों को 15 अगस्त तक पूरे बिहार में इसे लागू करने का निर्देश दिया.
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265 सरकारी स्कूल जुड़े, हजारों छात्रों को मिल रहा लाभ
फिलहाल पूर्णिया जिले के 265 सरकारी स्कूल इस प्लेटफॉर्म से जुड़े हैं. यहां 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के साथ-साथ NEET और IIT-JEE की तैयारी भी कराई जाती है. अगर कोई छात्र लाइव क्लास नहीं देख पाता, तो उसे रिकॉर्डेड वीडियो उपलब्ध कराया जाता है. नियमित टेस्ट के जरिए छात्रों की तैयारी का आकलन भी किया जाता है.
अब लाखों छात्रों को मिलेगा फायदा
पूर्णिया मॉडल की सफलता के बाद अब इसे पूरे बिहार में लागू किया जाएगा. सरकार को उम्मीद है कि इससे राज्य के लाखों सरकारी स्कूलों के छात्रों को बेहतर शिक्षा, विशेषज्ञ शिक्षकों का मार्गदर्शन और प्रतियोगी परीक्षाओं की गुणवत्तापूर्ण तैयारी का अवसर मिलेगा.
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