आनंद तिवारी, पटना: कोहरे के मद्देनजर रेलवे ने सुरक्षित यात्रा के लिए सभी ट्रेनों में अनिवार्य रूप से फाॅग सेफ्टी डिवाइस लगाया है. कोहरे व खराब मौसम के दौरान लोको पायलट स्थिति के अनुसार निर्णय लेते हुए ट्रेनों की अधिकतम गति को 75 किमी प्रति घंटे तक ले जा सकते हैं, ताकि दिन में कोहरे नहीं होने की स्थिति में ट्रेन की स्पीड अधिक हो और अपने समय को मेंटेन कर सके. अब तक अधिकतम सीमा 60 किमी प्रति घंटे थी.
पूमरे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी वीरेंद्र कुमार ने बताया कि स्टेशन मास्टर को हिदायत दी गयी है कि लाइन क्लीयर देने से पहले दृश्यता की जांच कर लें. कोहरा प्रभावित क्षेत्रों में चलने वाली ट्रेनों में लोको पायलटों को फाग सेफ्टी डिवाइस उपलब्ध कराया गया है.
जीपीएस युक्त है डिवाइस
यह डिवाइस जीपीएस से युक्त एक उपकरण है, जो लोको पायलट को संभावित खतरे के 500 सौ मीटर पहले ही सतर्क कर देता है. डिवाइस से आवाज आने लगती है और वीडियो पर सिग्नल भी दिखने लगता है. यही वजह है कि ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाना मुमकिन हो पाया है.
ट्रेनों में डेटोनेटर की व्यवस्था भी की जा रही
इसके साथ ही ट्रेनों में डेटोनेटर की व्यवस्था भी की जा रही है. इससे चालक का ध्यान आकर्षित किया जा सकेगा. इंजन के गुजरने पर डेटोनेटर तेज आवाज के साथ फटते हैं. साइटिंग बोर्ड पर ट्रैक के पार लाइम मार्किंग व सिग्नल बोर्डों पर चमकदार पट्टियां लगाने का काम किया गया है.
