Siwan News: सीवान जिले के सिसवन प्रखंड की कई पंचायतों में स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनाये गये ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन (कचरा) यूनिट पूरी तरह शोपीस बनकर रह गए हैं. इन सरकारी यूनिटों के नियमित संचालन नहीं होने के कारण पंचायतों में घर-घर से एकत्र किया गया कचरा खुले आम मुख्य सड़क के किनारे और खाली स्थानों पर फेंका जा रहा है. इससे आसपास के पूरे क्षेत्रों में भीषण गंदगी फैल रही है.
संक्रमण फैलने की बढ़ी आशंका
सीवान के ग्रामीण इलाकों में लोगों को भारी दुर्गंध के साथ-साथ गंभीर बीमारी और संक्रमण फैलने की आशंका लगातार सताने लगी है. स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि विभिन्न पंचायतों में लाखों रुपये की सरकारी लागत से इस उम्मीद के साथ कचरा प्रबंधन यूनिट बनाए गए थे ताकि कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण हो सके. लेकिन प्रशासनिक उदासीनता के कारण अधिकांश स्थानों पर यूनिट का संचालन पूरी तरह बंद पड़ा है.
संसाधनों के अभाव में बढ़ी मुसीबत
सीवान के इन केंद्रों पर पर्याप्त संसाधनों और ई-रिक्शा चालकों के मानदेय के अभाव में इस व्यवस्था का कोई उपयोग नहीं हो पा रहा है. मुख्य सड़क किनारे जमा भारी कचरे के कारण लोगों का सामान्य आवागमन भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. मॉनसून और बारिश के दिनों में यह स्थिति और भी अधिक गंभीर हो जाती है. कचरे से निकलने वाली सड़न और मच्छरों की बढ़ती संख्या के कारण स्थानीय लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हो रही हैं.
नियमित कचरा उठाव की मांग
सीवान के प्रभावित ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि प्रखंड के सभी बंद पड़े कचरा प्रबंधन यूनिटों को तुरंत चालू कराकर नियमित रखा जाए. इसके साथ ही गांवों से नियमित कचरा उठाव सुनिश्चित किया जाए तथा सार्वजनिक और खुले स्थानों में कचरा फेंकने वाले तत्वों पर रोक लगाने के लिए एक प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि स्थिति में सुधार न होने पर वे प्रखंड कार्यालय का घेराव करेंगे.
Also Read: सीवान: विद्या भवन महिला कॉलेज में पीजी एडमिशन 17 जुलाई तक, तीन विषयों में नामांकन शुरू
