सीवान: बारिश से सब्जी की फसल बर्बाद, 20 रुपये वाली सब्जियां 50 रुपये किलो पहुंचीं; नई फसल पर टिकी किसानों की उम्मीद

सीवान में लगातार हो रही बारिश ने आम जनजीवन को प्रभावित किया है. खेतों में जलजमाव के कारण हरी सब्जियों की फसलें बड़े पैमाने पर खराब हो गई हैं, जिससे मंडियों में आवक कम हो गई है. इसका सीधा असर बाजार भाव पर दिख रहा है, जहाँ सब्जियों के दाम दोगुने से अधिक हो गए हैं. यह स्थिति आम उपभोक्ताओं के घरेलू बजट को बिगाड़ रही है.

सीवान: जिले में लगातार हो रही बारिश का असर अब लोगों की रसोई तक पहुंच गया है. खेतों में जलजमाव के कारण हरी सब्जियों की फसल बड़े पैमाने पर खराब हो गई है. उत्पादन घटने से मंडियों में सब्जियों की आवक कम हो गई है, जिसका सीधा असर बाजार भाव पर दिखाई दे रहा है. कुछ दिन पहले तक 20 रुपये प्रति किलो बिकने वाली कई सब्जियां अब 50 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई हैं. इससे आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ किसानों और सब्जी कारोबारियों की चिंता भी बढ़ गई है.

जलजमाव से भिंडी, नेनुआ, लौकी समेत कई फसलें बर्बाद

सब्जी विक्रेताओं के अनुसार लगातार बारिश के कारण कई गांवों के खेतों में पानी भर गया है. पानी लंबे समय तक जमा रहने से भिंडी, नेनुआ, लौकी, करेला, बैंगन, परवल और अन्य हरी सब्जियों की फसल सड़ने लगी है. उत्पादन में भारी गिरावट आने से मंडियों में सब्जियों की आपूर्ति घट गई है. मांग के मुकाबले आपूर्ति कम होने के कारण कीमतों में तेजी दर्ज की जा रही है.

बाजार में सब्जियों के दाम में जबरदस्त उछाल

शहर के सब्जी बाजार में बुधवार को भिंडी, नेनुआ और करेला 40 से 50 रुपये प्रति किलो, लौकी 40 से 50 रुपये, बैंगन 50 रुपये, परवल 50 से 60 रुपये तथा हरी मिर्च 100 रुपये प्रति किलो तक बिकी. फूलगोभी, झिंगनी और शिमला मिर्च के दाम में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई. हालांकि टमाटर के भाव में कुछ नरमी देखने को मिली.

महंगी सब्जियों से बिगड़ा घरेलू बजट

सब्जी खरीदने बाजार पहुंची प्रमिला देवी ने बताया कि रोजमर्रा की सब्जियां महंगी होने से घरेलू बजट पूरी तरह प्रभावित हो गया है. पहले जितनी राशि में कई प्रकार की सब्जियां खरीदी जाती थीं, अब उतने पैसे में सीमित मात्रा ही मिल पा रही है.

किसानों की चिंता बढ़ी, दोबारा बुआई की तैयारी

किसान बीरबल भगत ने बताया कि लगातार बारिश के कारण खेतों में जलजमाव हो गया है, जिससे सब्जियों की फसल सड़ने लगी है. अब कई किसानों को दोबारा बुआई करनी पड़ेगी. उन्होंने कहा कि यदि जल्द मौसम साफ नहीं हुआ तो नुकसान और बढ़ सकता है.

नई फसल से राहत की उम्मीद

मौजूदा फसल खराब होने के बाद अब किसान नई फसल पर उम्मीद लगाए बैठे हैं. किसानों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में मौसम साफ रहा और खेतों से पानी निकल गया, तो वे दोबारा भिंडी, नेनुआ, लौकी, बैंगन, करेला और अन्य हरी सब्जियों की बुआई करेंगे. उनका मानना है कि नई फसल तैयार होने के बाद बाजार में सब्जियों की आवक बढ़ेगी और कीमतों में राहत मिलेगी. हालांकि लगातार बारिश जारी रहने पर नई फसल पर भी संकट गहरा सकता है.

कारोबारियों ने जताई कीमतें और बढ़ने की आशंका

सब्जी कारोबारियों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहा तो सब्जियों की कीमतों में और वृद्धि हो सकती है. वहीं मौसम सामान्य होने और नई फसल बाजार में आने के बाद ही उपभोक्ताओं को राहत मिलने की संभावना है.

सब्जियों के दाम (प्रति किलो/दर्जन)

सब्जीपहलेअब
बैंगन₹30₹50
बोड़ी₹40₹60
परवल₹20₹50
लौकी₹20₹40
टमाटर₹30₹20
भिंडी₹20₹40
नेनुआ₹20₹50
करेला₹15-20₹40
खीरा₹20₹30
हरी मिर्च₹60₹100
नींबू₹5 (जोड़ा)₹5 (जोड़ा)
कुंदरी₹15₹30
कच्चा केला₹40 (प्रति दर्जन)₹50 (प्रति दर्जन)
चठेला₹60₹100
फूलगोभी₹80₹100
झिंगनी₹40₹60
शिमला मिर्च₹80₹100

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लेखक के बारे में

Author: Pankaj Kumar

Published by: Vivek Ranjan

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