Siwan News : सीवान जिले के गुठनी प्रखंड स्थित प्रसिद्ध बाबा हंसनाथ मंदिर को पर्यटन स्थल का दर्जा मिलने के बावजूद आज तक इसका समुचित विकास नहीं हो सका है. मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद कुछ समय तक विकास कार्यों में तेजी दिखी, लेकिन विभागीय उदासीनता और फंड की कमी के कारण यह महत्वाकांक्षी परियोजना पिछले पांच वर्षों से अधूरी पड़ी है. इससे स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है.
करीब एक करोड़ रुपये की योजना हुई थी स्वीकृत
पर्यटन विभाग ने बाबा हंसनाथ मंदिर के सर्वांगीण विकास के लिए 99 लाख 99 हजार रुपये की योजना स्वीकृत की थी. योजना के तहत मंदिर परिसर में शौचालय, पेयजल सुविधा, सोलर लाइट, पार्किंग, सीसीटीवी कैमरे, सुरक्षा व्यवस्था, मैरिज हॉल, मुख्य प्रवेश द्वार, लकड़ी की खिड़कियां और पेंट-पुट्टी सहित कई विकास कार्य प्रस्तावित किए गए थे.
2019 में शुरू हुआ काम, फिर थम गई रफ्तार
भवन निर्माण विभाग के अनुसार मार्च 2019 में परियोजना पर कार्य शुरू हुआ था. शुरुआती चरण में 62 लाख रुपये जारी किए गए, जिससे बाउंड्री वॉल, आंशिक शौचालय, परिसर में टाइल्स, पेयजल, बिजली, सीसीटीवी कैमरे, मैरिज हॉल और मुख्य प्रवेश द्वार का निर्माण कराया गया. इसके बाद अतिरिक्त राशि नहीं मिलने से शेष विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़ गया.
मंदिर समिति ने कई बार लगाई गुहार
मंदिर समिति का कहना है कि अधूरे विकास कार्यों को लेकर कई बार भवन निर्माण विभाग से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई. इसके कारण मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को आज भी कई मूलभूत सुविधाओं के अभाव का सामना करना पड़ रहा है.
ग्रामीणों ने डीएम से लगाई गुहार
मुखिया रणजीत कुशवाहा समेत विकास सिंह, शिवजी सिंह, रामजी गिरि, मनोज सिंह, सत्येंद्र सिंह, ब्रजेश सिंह, अभिषेक सिंह और रंजीत मद्देशिया सहित कई ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से शेष कार्यों के लिए जल्द फंड उपलब्ध कराने और परियोजना को पूरा कराने की मांग की है.
धार्मिक पर्यटन का बड़ा केंद्र बन सकता है मंदिर
स्थानीय लोगों का कहना है कि बाबा हंसनाथ मंदिर पूरे क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र है. यदि समयबद्ध तरीके से विकास कार्य पूरे कर दिए जाएं, तो यह धार्मिक पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में विकसित हो सकता है. इससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी नई गति मिलेगी.
