Siwan Vehicle Seized News (विवेक कुमार सिंह): बिहार के सीवान जिले से इस वक्त ट्रांसपोर्ट सेक्टर और गिट्टी-बालू के कारोबारियों को पूरी तरह चौंका देने वाली एक बड़ी खबर सामने आ रही है. दूसरे राज्यों से बालू, गिट्टी, पत्थर और स्टोन चिप्स समेत अन्य लघु खनिज लेकर बिहार की सीमा में प्रवेश करने वाले वाहनों के लिए राज्य सरकार द्वारा ‘इंटर स्टेट ट्रांजिट पास’ (ISTP) अनिवार्य किए जाने के ठीक अगले ही दिन खनन विभाग ने एक ऐतिहासिक कार्रवाई को अंजाम दिया है. गुरुवार को मैरवा-गुठनी मुख्य मार्ग पर बिना पास के अवैध रूप से खनिज परिवहन कर रहे एक भारी ट्रक को दबोचकर उस पर सीधे 11 लाख 12 हजार 500 रुपये का महा-जुर्माना लगाया गया है और गाड़ी को जब्त कर स्थानीय थाने के हवाले कर दिया गया है.
10 जून से लागू हुई थी नई कड़ी व्यवस्था, नियमों की धज्जियां उड़ाकर सीमा में घुसा था मिर्जापुर का ट्रक
जिला खनन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, पूरे बिहार राज्य में 10 जून से ही इंटर स्टेट ट्रांजिट पास (ISTP) की व्यवस्था को शत-प्रतिशत लाइव और अनिवार्य कर दिया गया था. इस नए कड़े कानून के लागू होने के ठीक अगले दिन गुरुवार को खान निरीक्षक मोहम्मद इरफान के नेतृत्व में मैरवा-गुठनी रोड पर एक विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था. इसी दौरान उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से स्टोन चिप्स (गिट्टी) लादकर आ रहे एक बड़े ट्रक को जांच के लिए रोका गया. जब चालक से नए नियम के तहत आईएसटीपी पास की मांग की गई, तो उसके पास कोई वैध डिजिटल पास नहीं मिला, जिसके बाद विभाग ने ऑन-स्पॉट गाड़ी को सील कर दिया.
बिहार खनिज नियमावली 2026 के तहत तय हुआ हर्जाना, बिना डिजिटल पास चेकपोस्ट पर नहीं मिलेगी एंट्री
खनन विभाग के अधिकारियों ने दोटूक साफ कर दिया है कि अब किसी भी अन्य राज्य से लघु खनिज लेकर बिहार में प्रवेश करने वाले हर एक छोटे-बड़े वाहन को आईएसटीपी पोर्टल पर पंजीकृत होना ही होगा. सीमा पर बने सभी सरकारी चेकपोस्टों पर बिना इस पास के एंट्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी. जांच के दौरान अगर वाहन चालक के पास संबंधित राज्य का वैध खनिज चालान और बिहार का आईएसटीपी पास नहीं मिलता है, तो इसे चोरी की श्रेणी में माना जाएगा और बिहार खनिज नियमावली 2019 एवं नए संशोधित नियमावली 2026 के कड़े प्रावधानों के तहत लाखों रुपये का भारी जुर्माना ऑन-स्पॉट वसूला जाएगा.
नोट कर लें नया रेट और नियम: चालान कटने के महज 6 घंटे के भीतर ऑनलाइन लेना होगा ISTP
विभाग ने ट्रांसपोर्टरों और व्यवसायियों की सहूलियत के लिए नए टैक्स और नियमों का पूरा गणित भी लाइव साझा किया है: अगर खनिज परिवहन चालान पर माल की मात्रा वजन (मीट्रिक टन) में अंकित है, तो उपभोक्ताओं को 60 रुपये प्रति मीट्रिक टन की दर से सरकारी शुल्क देना होगा. यदि माल की मात्रा आयतन में दर्ज है, तो 85 रुपये प्रति घन मीटर की दर से टैक्स निर्धारित किया गया है.
यह पूरा शुल्क केवल ऑनलाइन डिजिटल माध्यम से ही जमा होगा. सबसे महत्वपूर्ण नियम यह है कि खनिज के मुख्य स्रोत (खदान/क्रशर) से परिवहन चालान जारी होने के ठीक 6 घंटे के भीतर ही गाड़ी मालिक को आईएसटीपी पास ऑनलाइन जेनरेट करना अनिवार्य कर दिया गया है.
विभाग ने बताया कि अन्य राज्यों से बिहार में माल भेजने वाले सभी वाहन मालिकों को सरकारी आईएसटीपी पोर्टल पर अपना पैन कार्ड और आधार कार्ड डालकर रजिस्ट्रेशन कराना होगा, जिसके बाद मिली लॉगिन आईडी और पासवर्ड के जरिए वे कहीं से भी अपना ट्रांजिट पास डाउनलोड कर सकेंगे. इस 11 लाख रुपये से अधिक के बंपर जुर्माने के बाद यूपी और बिहार के सीमावर्ती इलाकों के ट्रक ऑपरेटरों और गिट्टी माफियाओं के बीच हड़कंप का माहौल देखा जा रहा है.
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