Siwan Road Construction: जिले की सड़कों और पथ निर्माण परियोजनाओं को लेकर मंगलवार को समाहरणालय में हुई समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी विजय प्रकाश मीणा ने अधिकारियों को कई अहम निर्देश दिये. आम लोगों के लिए बेहतर आवागमन की सुविधा सुनिश्चित करने को लेकर डीएम ने लंबित और धीमी गति से चल रही योजनाओं में तेजी लाने के साथ निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और नियमित अनुश्रवण पर विशेष जोर दिया.
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय उच्च पथ, पथ निर्माण विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग एवं पुल निर्माण निगम लिमिटेड के तकनीकी पदाधिकारियों के साथ सड़क परियोजनाओं की समीक्षा की गयी. बैठक में जिले में संचालित विभिन्न सड़क एवं पथ निर्माण योजनाओं की प्रगति की बारीकी से जानकारी ली गयी.
राम-जानकी पथ के काम में क्यों हुई देरी?
राम-जानकी पथ के मशरख-सीवान खंड तथा सीवान-मेहरौना खंड में अधिग्रहित भूमि पर चल रहे कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जतायी. उन्होंने परियोजना निदेशक, राष्ट्रीय उच्च पथ को दोनों खंडों में कार्य की गति बढ़ाने का निर्देश दिया.
डीएम ने छपरा-सीवान एनएच-531 पर चल रहे निर्माण कार्यों को भी तेजी से पूरा कराने को कहा. परियोजना निदेशक एनएचएआइ, छपरा को आवश्यकतानुसार संबंधित संरचनात्मक एवं अन्य जरूरी कार्य कराने का निर्देश दिया गया.
अनुरक्षण वाले पथों की जल्द होगी मरम्मत
ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता को अनुरक्षण अवधि वाले सभी पथों का आकलन करने और जहां आवश्यकता हो, वहां शीघ्र मरम्मतीकरण कराने का निर्देश दिया गया.
जिलाधिकारी ने सड़क किनारे उगी घास की नियमित सफाई और कटाई कराने को भी कहा. उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़कों के रखरखाव में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए, ताकि आम लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना न करना पड़े.
सिसवन आरओबी ढाला का रास्ता होगा मोटरेबल
बैठक के दौरान सिसवन आरओबी ढाला के पथ की स्थिति का मामला भी सामने आया. जिलाधिकारी ने पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता को इस पथ को मोटरेबल बनाने का निर्देश दिया.
पथ को मोटरेबल बनाये जाने से आसपास के लोगों को आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है. डीएम ने संबंधित अधिकारी को इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर कराने का निर्देश दिया.
हर योजना की खुद निगरानी करेंगे अधिकारी
जिलाधिकारी विजय प्रकाश मीणा ने सभी तकनीकी पदाधिकारियों को अपने-अपने विभाग की योजनाओं का सतत निरीक्षण और अनुश्रवण करने को कहा. उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क एवं पथ निर्माण से संबंधित योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा कराया जाना जरूरी है.
उन्होंने विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाये रखने पर भी जोर दिया, ताकि किसी भी परियोजना में अनावश्यक देरी नहीं हो और निर्माण कार्य का लाभ समय पर आम लोगों को मिल सके.
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