सीवान में ऐपवा-माले ने रघुनाथपुर थाने का किया घेराव, शराब बिक्री पर रोक और धर्मेंद्र बिन हत्याकांड में गिरफ्तारी की मांग की

ऐपवा-माले ने शराबबंदी के बावजूद हो रही शराब की बिक्री और धर्मेंद्र बिन हत्याकांड के साजिशकर्ताओं की गिरफ्तारी की मांग को लेकर रघुनाथपुर थाने का घेराव किया. उन्होंने पुलिस-प्रशासन पर जनता की आवाज दबाने और धारा 163 का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया.

Siwan CPI-ML Protests: शराबबंदी के बावजूद शराब की बिक्री पर रोक लगाने, थाना प्रभारी से जवाब मांगने और धर्मेंद्र बिन हत्याकांड के साजिशकर्ताओं की गिरफ्तारी की मांग को लेकर ऐपवा-माले की ओर से बुधवार को रघुनाथपुर थाने का घेराव किया गया. भाकपा माले के अनुसार, प्रदर्शन को रोकने के लिए पुलिस-प्रशासन की ओर से धारा 163 लागू की गयी थी. इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों ने थाने का घेराव किया.

शराब बिक्री पर रोक और हत्याकांड में गिरफ्तारी की मांग

प्रदर्शन के दौरान ऐपवा-माले की ओर से शराब की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की गयी. इसके साथ ही धर्मेंद्र बिन हत्याकांड के साजिशकर्ताओं की गिरफ्तारी और मामले में थाना प्रभारी से जवाब मांगने की मांग भी उठायी गयी.

माले नेताओं का कहना था कि शराबबंदी के बावजूद शराब की बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण नहीं होने से आम लोगों में नाराजगी है. संगठन ने पुलिस-प्रशासन से मामले में कार्रवाई की मांग की.

धारा 163 लागू करने पर माले ने उठाये सवाल

भाकपा माले के जिला सचिव इंद्रजीत चौरसिया ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि रघुनाथपुर में प्रदर्शन के दौरान धारा 163 का प्रयोग जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला है. उन्होंने कहा कि पुलिस-प्रशासन की किसी भी कार्रवाई से जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता.

उन्होंने आरोप लगाया कि आंदर में शांति भंग होने का हवाला देकर माले की सभा रोक दी गयी, जबकि रघुनाथपुर में ऐसी कोई स्थिति नहीं थी. ऐसे में रघुनाथपुर में धारा 163 लागू करने का औचित्य पुलिस-प्रशासन को स्पष्ट करना चाहिए.

माले नेताओं पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग

इंद्रजीत चौरसिया ने आरोप लगाया कि माफियाओं के खिलाफ आवाज उठाने पर धारा 163 का इस्तेमाल और आंदर में सभा रोकने की कार्रवाई पुलिस-प्रशासन के रवैये पर सवाल खड़े करती है.

उन्होंने माले और ऐपवा नेताओं पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग की. माले ने कहा कि जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर उसका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा.

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By अरविंद कुमार सिंह

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