Siwan News: बारिश बीतने के बाद भी पुरानी किला पोखरा और मखदूम सराय के लोगों की मुसीबत खत्म नहीं हो रही है. वार्ड 38, 39 और 40 के एक हजार से अधिक घरों के आसपास नाले का गंदा पानी तीन से चार महीने तक जमा रहता है. कई जगह सड़क पानी में डूब जाने से आवागमन मुश्किल हो जाता है. बदबू और मच्छरों के बीच लोगों को रोजाना इसी गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है. वर्षों से चली आ रही इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने से नाराज मोहल्लेवासियों ने बुधवार को प्रदर्शन कर अपनी नाराजगी जतायी.
तीन-चार वर्षों से हर बरसात में बन रही स्थिति
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले तीन-चार वर्षों से हर बरसात में यही स्थिति बन रही है. बारिश के बाद नाले का पानी सड़कों पर फैल जाता है और लंबे समय तक जमा रहता है. कई जगह सड़क और नाले में फर्क करना मुश्किल हो जाता है. लोगों को अपने घरों तक पहुंचने के लिए गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है. सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को होती है. बच्चों को स्कूल जाने के लिए जलजमाव वाले रास्ते से होकर जाना पड़ता है, जबकि रोजमर्रा के काम से निकलने वाले लोगों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.
नाले पर अतिक्रमण से निकासी प्रभावित
मोहल्लेवासियों का आरोप है कि नाले पर कई जगह अतिक्रमण कर लिया गया है. इससे नाला संकरा हो गया है और पानी की निकासी प्रभावित हो रही है. नाले में गाद और कचरा जमा रहने से परेशानी और बढ़ जाती है. बारिश के दौरान पानी नाले से निकलने के बजाय सड़क पर फैल जाता है. लोगों का कहना है कि नाले की सफाई कराने और अतिक्रमण हटाने के साथ बेहतर जलनिकासी की व्यवस्था करायी जाए तो समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है.
गंदे पानी और मच्छरों से बढ़ी परेशानी
लंबे समय तक गंदा पानी जमा रहने से मोहल्ले में मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है. पानी से बदबू निकलने के कारण आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी होती है. स्थानीय लोगों ने बताया कि जलजमाव और गंदगी के कारण बच्चों और बुजुर्गों को विशेष परेशानी हो रही है. लोगों में बीमारी फैलने की आशंका भी बनी रहती है.
जनता दरबार में दे चुके हैं आवेदन
मोहल्लेवासियों के अनुसार, जलजमाव की समस्या को लेकर वे दो बार जनता दरबार में आवेदन दे चुके हैं. इसके अलावा सीवान के तत्कालीन डीएम विवेक रंजन मैत्रेय भी इस स्थल का दो बार निरीक्षण कर चुके हैं. निरीक्षण के बाद लोगों को उम्मीद थी कि पानी की निकासी की व्यवस्था बेहतर होगी, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है.
स्थायी निकासी व्यवस्था की मांग
लोगों का कहना है कि हर साल तीन से चार महीने तक जलजमाव की परेशानी झेलना उनकी मजबूरी बन गयी है. अस्थायी रूप से पानी निकालने से कुछ समय के लिए राहत मिल सकती है, लेकिन अगली बारिश में समस्या फिर खड़ी हो जाती है. इसलिए नाले की सफाई, अतिक्रमण हटाने और स्थायी जलनिकासी व्यवस्था के साथ नाला निर्माण की जरूरत है. मोहल्लेवासियों ने नगर परिषद और जिला प्रशासन से जल्द कार्रवाई कर समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है.
नाला बनने से होगा समस्या का निदान : पार्षद
वार्ड पार्षद रिजवान उल्लाह ने कहा कि नाला बनने से जलजमाव की समस्या का निदान होगा. इसके लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है. नगर परिषद में इसको लेकर योजना दी गयी है. नाला बनने के बाद पानी की निकासी बेहतर होगी और मोहल्ले के लोगों को हर साल होने वाली परेशानी से राहत मिलेगी.
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