Post Office Rakhi Booking International : रक्षाबंधन के मौके पर सीवान डाक विभाग ने भाई-बहन के रिश्ते को दूरियों के बावजूद मजबूत बनाए रखने के लिए विशेष पहल की है. अब सीवान सहित देश के विभिन्न डाकघरों से विदेशों में रहने वाले भाइयों को कम खर्च में राखी भेजी जा सकती है. विभाग का कहना है कि इस सुविधा से प्रवासी भारतीय परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी.
185 रुपए से 400 रुपए तक में भेज सकेंगे राखी
रक्षाबंधन के पावन पर्व को देखते हुए डाक विभाग ने विदेशों में रहने वाले भाइयों तक राखी पहुंचाने के लिए विशेष सुविधा शुरू की है. इस सेवा के तहत विभिन्न देशों में लगभग 185 रुपये से 400 रुपये तक के शुल्क पर राखी भेजी जा सकती है. सुरक्षित पैकिंग के लिए 5 रुपये से 15 रुपये तक के प्लास्टिक कोटेड विशेष लिफाफे भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं.
प्रवासी परिवारों को मिलेगी बड़ी राहत
सीवान लंबे समय से प्रवासी परिवारों का जिला माना जाता है. यहां के बड़ी संख्या में लोग रोजगार, व्यवसाय और शिक्षा के लिए कनाडा, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, दुबई, सऊदी अरब और कतर समेत कई देशों में रहते हैं. ऐसे में रक्षाबंधन के अवसर पर बहनों के लिए भाइयों तक समय पर राखी भेजना अब पहले की तुलना में अधिक आसान हो जाएगा.
10 दिनों में पहुंच सकती है राखी
सीवान डाक विभाग के असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट अमोद कुमार सिन्हा ने बताया कि विभाग का उद्देश्य केवल डाक पहुंचाना नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और पारिवारिक रिश्तों की मिठास को दुनिया के हर कोने तक पहुंचाना भी है. उन्होंने बताया कि अधिकांश देशों में डाक विभाग के माध्यम से भेजी गई राखी लगभग 10 दिनों के भीतर अपने गंतव्य तक पहुंच जाती है. इसी कारण इन दिनों विदेशों के लिए राखी बुक कराने वालों की संख्या बढ़ रही है.
लोगों ने सराहा डाक विभाग का कदम
सीवान निवासी निभा श्रीवास्तव ने बताया कि उनका भाई कनाडा में रहता है. पहले विदेश में राखी भेजना महंगा और जटिल लगता था, लेकिन अब यह प्रक्रिया आसान और किफायती हो गई है. वहीं स्थानीय निवासी नियू सिंह ने कहा कि उनके भाई के विदेश में रहने के कारण यह सुविधा उनके परिवार के लिए काफी उपयोगी साबित होगी.
भारतीय संस्कृति से जुड़ाव को मिलेगा बढ़ावा
डाक विभाग का मानना है कि यह पहल केवल एक डाक सेवा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और भाई-बहन के रिश्ते को दुनिया भर तक पहुंचाने का माध्यम भी है. इससे विदेशों में रहने वाले भारतीयों और उनके परिवारों के बीच भावनात्मक जुड़ाव और मजबूत होने की उम्मीद है.
