सीवान. जिले में पंचायत चुनाव को लेकर परिसीमन की प्रक्रिया जल्द शुरू होने वाली है. पंचायती राज विभाग की ओर से ग्राम पंचायत, ग्राम पंचायत प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र (वार्ड सदस्य), पंचायत समिति और जिला परिषद प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों के गठन को लेकर दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं. इसके तहत जिले की पंचायतों और निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं का नए सिरे से निर्धारण किया जाएगा.
ग्राम पंचायतों का गठन राजस्व गांवों के आधार पर होगा
जारी निर्देश के अनुसार ग्राम पंचायत क्षेत्र के गठन के लिए प्रखंड को इकाई माना जाएगा. पंचायत क्षेत्र का निर्धारण उत्तर-पश्चिम दिशा से शुरू होकर दक्षिण-पूर्व दिशा तक किया जाएगा. सभी पंचायतों का गठन राजस्व गांवों के आधार पर होगा. सामान्य स्थिति में किसी गांव को दो हिस्सों में विभाजित नहीं किया जाएगा. हालांकि जरूरत पड़ने पर एक गांव में एक से अधिक पंचायत क्षेत्र बनाए जा सकते हैं.
आबादी के आधार पर तय होगा पंचायत मुख्यालय
यदि किसी पंचायत क्षेत्र में एक से अधिक गांव शामिल होंगे तो उसका मुख्यालय अधिक आबादी वाले गांव में बनाया जाएगा. वहीं, यदि किसी क्षेत्र में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़े वर्ग की आबादी 50 प्रतिशत से अधिक होगी तो मुख्यालय उस गांव में बनाया जाएगा, जहां इन वर्गों की आबादी का अनुपात सबसे अधिक होगा. पंचायत का नाम भी मुख्यालय वाले गांव के नाम पर रखा जाएगा.
प्राकृतिक सीमाओं को दी जाएगी प्राथमिकता
परिसीमन के दौरान पंचायतों और निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाएं तय करते समय प्राकृतिक सीमाओं को प्राथमिकता दी जाएगी. इसके अलावा सड़क, रेलवे लाइन और अन्य स्पष्ट सार्वजनिक स्थलों को भी सीमा निर्धारण का आधार बनाया जा सकेगा. इसका उद्देश्य पंचायतों की सीमाओं को स्पष्ट और विवाद रहित बनाना है.
वार्ड और पंचायत समिति क्षेत्रों का भी होगा नया निर्धारण
ग्राम पंचायत प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों यानी वार्डों का भी नए सिरे से गठन किया जाएगा. सभी वार्डों को संबंधित ग्राम पंचायत क्षेत्र के अंतर्गत ही रखा जाएगा. इसी तरह पंचायत समिति क्षेत्रों के गठन में किसी भी वार्ड को दो अलग-अलग पंचायत समिति क्षेत्रों में शामिल नहीं किया जाएगा.
जिला परिषद क्षेत्रों का भी होगा पुनर्गठन
जिला परिषद प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों के गठन में पूरे जिले को इकाई माना जाएगा. प्रत्येक जिला परिषद क्षेत्र संबंधित पंचायत समिति क्षेत्र के अंतर्गत रहेगा. किसी भी पंचायत समिति क्षेत्र को दो जिला परिषद क्षेत्रों में विभाजित नहीं किया जाएगा.
15 दिनों तक आम लोग दर्ज करा सकेंगे आपत्ति
परिसीमन का प्रारूप ग्राम पंचायत, प्रखंड कार्यालय और जिला पदाधिकारी कार्यालय के सूचना पट पर प्रकाशित किया जाएगा. प्रारूप जारी होने के बाद आम लोगों को 15 दिनों तक सुझाव और आपत्ति दर्ज कराने का मौका मिलेगा. प्राप्त आपत्तियों पर विचार करने के बाद जिला पदाधिकारी अंतिम परिसीमन की घोषणा करेंगे.
परिसीमन पूरा होने के बाद तेज होगी चुनावी तैयारी
पूरी प्रक्रिया राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश और निगरानी में पूरी की जाएगी. प्रमंडलीय आयुक्त इसकी समीक्षा करेंगे. प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पंचायत चुनाव की तैयारियां और तेज हो जाएंगी.
