सीवान में पैक्स गोदाम निर्माण की राशि में गड़बड़ी का आरोप, मुख्य सचिव से जांच की मांग

जिले के विभिन्न पैक्सों में गोदाम निर्माण के लिए आवंटित सरकारी राशि के इस्तेमाल में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगा है. अधिवक्ता प्रफुल्ल रंजन ने बिहार सरकार के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है. उन्होंने कहा है कि कई पैक्सों में राशि प्राप्त होने के बावजूद गोदाम निर्माण अधूरा है या गुणवत्ता मानकों को पूरा नहीं करता.

PACS Warehouse Construction: जिले के विभिन्न प्रखंडों के पैक्सों में गोदाम निर्माण के लिए दी गयी सरकारी राशि के इस्तेमाल में अनियमितता का आरोप लगाते हुए अधिवक्ता प्रफुल्ल रंजन ने बिहार सरकार के मुख्य सचिव को आवेदन दिया है. उन्होंने मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है.

आवेदन में कहा गया है कि सहकारिता विभाग के माध्यम से विभिन्न पैक्सों को गोदाम निर्माण के लिए राशि उपलब्ध करायी गयी थी. कई पैक्सों ने प्रथम, द्वितीय और तृतीय किस्त प्राप्त की, लेकिन कई स्थानों पर गोदाम का निर्माण नहीं हुआ है. कुछ जगह निर्माण अधूरा है, जबकि कहीं स्वीकृत योजना, निर्धारित मापदंड और गुणवत्ता के अनुरूप काम नहीं होने का आरोप लगाया गया है.

कुछ मामलों में वास्तविक निर्माण की स्थिति की जांच किये बिना अगली किस्त का भुगतान किये जाने की आशंका भी जतायी गयी है. ऐसे मामलों में संबंधित पैक्स अध्यक्षों के साथ पदाधिकारियों और तकनीकी कर्मचारियों की भूमिका की जांच कराने की मांग की गयी है.

पूर्व जांच में भी सामने आयी थीं अनियमितताएं

आवेदन में कहा गया है कि संयुक्त निबंधक, सहयोग समितियां, सारण प्रमंडल, छपरा की पूर्व जांच में भी जिले के कुछ पैक्सों में गोदाम निर्माण से संबंधित अनियमितताएं सामने आयी थीं. संबंधित जांच रिपोर्ट की प्रति आवेदन के साथ संलग्न की गयी है. पूर्व में सामने आयी अनियमितताओं पर हुई कार्रवाई की भी जानकारी मांगी गयी है.

अधिवक्ता ने मांग की है कि सभी प्रखंडों में गोदाम निर्माण के लिए चयनित पैक्स, स्वीकृत राशि और योजना की सूची तैयार कर जांच की जाये. प्रथम, द्वितीय और तृतीय किस्त के भुगतान की तिथि तथा भुगतान से पहले किये गये निरीक्षण के कागजात भी देखे जायें.

स्वतंत्र तकनीकी टीम से जांच की मांग

आवेदन में प्रत्येक गोदाम का स्वतंत्र तकनीकी टीम से स्थल निरीक्षण, वास्तविक माप और तस्वीरों के माध्यम से भौतिक सत्यापन कराने की मांग की गयी है. निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की जांच के साथ माप पुस्तिका, स्थल पुस्तिका, तकनीकी मंजूरी, कार्य प्रगति रिपोर्ट, बिल-वाउचर, भुगतान संबंधी कागजात और निरीक्षण रिपोर्ट का वास्तविक निर्माण से मिलान कराने को कहा गया है.

आवेदन में कहा गया है कि यदि कागजात में अधिक काम दिखाकर या पर्याप्त निर्माण के बिना सरकारी राशि का भुगतान पाया जाता है, तो जिम्मेदारी तय कर राशि की वसूली और कानूनी कार्रवाई की जाये.

अधिवक्ता प्रफुल्ल रंजन ने सहकारिता विभाग से वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों की स्वतंत्र टीम गठित कर प्रत्येक गोदाम की जांच कराने की मांग की है.

5 सितंबर तक पूरा करना है गोदाम निर्माण

वर्जन. पैक्सों में गोदाम निर्माण का कार्य 5 सितंबर तक हर हाल में पूरा करने का निर्देश दिया गया है. निर्धारित समय सीमा में निर्माण कार्य पूरा नहीं होने पर इसकी जांच करायी जायेगी. जांच में अनियमितता या लापरवाही सामने आने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई भी की जायेगी. सैयद मसरूक आलम, संयुक्त निबंधक, सारण प्रमंडल

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By Vivek Kumar

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